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केंद्र सरकार ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों के उकसावे में आकर उन्मादित भीड़ द्वारा बेकसूरों को पीट-पीटकर मार डालने की एक के बाद एक बढ़ती घटनाएं रोकने को कहा है. गृह मंत्रालय ने भी अपने परामर्श में उन्हें ऐसे उकसावे रोकने के कई उपाय सुझाए हैं.


 

तब सरकार समर्थक मीडिया में भी किसी ने यह नहीं कहा कि उसका यह कदम ऐसी घटनाओं को लेकर उसकी संवेदनशीलता या उन्हें रोकने की नीयत का पता देता है. कोई इसे उसकी कुंभकर्णी नींद का टूटना बताकर रह गया और कोई देर से ही सही, दुरुस्त आना.

दिल्ली - दिल्ली मेट्रो के मॉडल टाउन रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार सुबह 9.45 बजे एक मोर ट्रैक पर मिला पड़ा, जिसकी वजह से तकरीबन 33 मिनट तक येलो लाइन का रेड सिग्नल ही रहा।

ज़ख्मी पड़ा था ट्रैक पर राष्ट्रीय पक्षी

दरअसल सुबह लगभग 9:45 पर मेट्रो जैसे ही माडल टाउन स्टेशन पर पहुंची तभी ड्राइवर ने देखा की एक मोर ट्रैक पर घायल पड़ा हुआ है जिसके बाद मोर की सुरक्षा को देखते हुुए मेट्रो को रोके रखा। 

सफाई कर्मचारियों ने हटाया मोर को

जो कर्मचारी अपनी डीएमआरसी से अपनी मांगे रख रहे हैं उन्ही सफाई कर्मचारियों ने ट्रैक पर जा कर मोर को पकड़ा और उसे फिर हटाया गया।

वाइल्ड लाइफ टीम को सौंपा मोर

मोर को हटाने के बाद वाइल्ड लाइफ टीम मॉडल टाउन मेट्रो स्टेशन पहुंची और मोर को ले लिया। जिसके बाद पशु पक्षी अस्पताल में मोर को भेजा गया और उसका इलाज कराया गया।

 

 33 मिनट तक रुकी रही मेट्रो

सुबह 9.45 बजे से लेकर सुबह 10 बजकर 18 मिनट तक मेट्रो रुकी रही जिसकी वजह से तकरीबन 33 मिनट तक मेट्रो रुकी रही और इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

(शहज़ादा हाशमी की कलम से)

दिल्ली - देश विदेश में 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया गया, जहां पीएम मोदी ने देहरादून में योग दिवस मनाया तो सभी कैबिनेट मंत्री सांसद, विधायकों ने भी सुबह सुबह योग दिवस मनाया। वहीं आईए आपको बताते हैं कि दिल्ली में किस किस सरकारी दफ्तर में योग दिवस मनाया गया। 

फायर की कॉल पर भी आगे, देश के साथ योगा में भी आगे फायर सर्विस

 

पूरा देश एक साथ योग कर रहा हो और भला फायर सर्विस इस बात को भूल जाए ऐसा हो ही नही सकता। दिल्ली फायर सर्विस ने भी देश की जनता के साथ साथ योग किया। यानि दिल्ली फायर सर्विस भी पीछे नही रहा। दिल्ली फायर सर्विस ने दिल्ली में अपने मुख्यालय में विश्व योगा दिवस मनाया और इसमें डायरेक्टर जीसी मिश्रा, डिप्टी डाय. गर्ग, चीफ फायर अधिकारी विपिन कैंटल समेत कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। जिन्होंने सुबह 7 बजे से योगा की।

योग के साथ साथ ड्यूटी भी
दिल्ली फायर सर्विस ने अपने ज़िम्मेदारी निभाते हुए देश के साथ योगा भी की और साथ ही साथ अपनी हर टुकड़ियां तैनात भी रखी कि जस वक्त भी कोई फायर की कॉल आए तो फौरन उसपर फायरकर्मी पहुंच सके। वहीं दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर जीसी मिश्रा,डिप्टी डायरेक्टर अतुल गर्ग,मुख्य फायर अफसर विपिन केंटल समेत कई अधिकारियों ने योगा की साथ ही साथ कर्मचारियों ने भी योग किया। वहीं जीसी मिश्रा ने कहा कि हमारे कर्मी हमेशा आपातकालीन स्थिति में काम करते हैं और योग करने से उनका शरीर हमेशा फ्रेश रहेगा। योग मानसिक और शारिरिक रूप से फायदेमंद है। उन्होंने सबसे अपील भी करी की योग को कभी नही भूलें और ज़रूर सुबह योग करें।
 
अर्द्धसैनिक बल ने भी की योगा
पूरे देश ने 4वां अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस मनाया साथ ही साथ अर्द्धसैनिक बल ने भी दिल्ली समेत जहां जहां उनकी पोस्टिंग है वहां वहां योग की। बॉर्डर की बात हो या आसमान की.. हर जगह इस योग दिवस पर सुबह सिर्फ और सिर्फ योगा ही हो रही थी साथ ही दिल्ली में भी CISF ने अपना पूरा जोर दिखा दिया।
लाल किले में अर्धसैनिक बल की तकरीबन 2000 महिलाओं ने योग दिवस पर योगा की और योगा से पहले CISF की दिल्ली मेट्रो में चेकिंग करने वाली महिला कर्मियों ने ऐसा करतब दिखाया कि हर आदमी इन महिलाओं से दूर ही भागेगा। 
 
योगा के साथ किया सेल्फ डिफेंस भी
लाल किले में अर्धसैनिक बल की तकरीबन 2000 महिलाकर्मियों ने सुबह 7 बजे से योगा की लेकिन योगा से पहले CISF की दिल्ली मेट्रो में चेकिंग करने वाली महिलाकर्मियों ने सेल्फ डिफेंस करके दिखाया। उन्होंने डेमो देते हुए दिखाया कि कैसे एक महिला भी 3 3 आदमियों पर भारी रह सकती है और कैसे अपनी जान बचा सकती है।  साथ ही उन महिलाओं ने दिखाया कि हर महिला के अंदर आत्मविश्वास होना बहुत ज़रूरी है जिससे वो हर परेशानी में विजयी प्राप्त कर सकें। साथ ही राजपथ सुबह 10 बजे तक पूरा बन्द था और वहां सिर्फ और सिर्फ मंत्र और योग के आसन की ही आवाज़ आ रही थी। सुबह 7 बजे से राजपथ पर भी तकरीबन 1000 अर्धसैनिक बल के कर्मियों ने योगा की। सीजीओ कॉम्प्लेक्स में CISF का मुख्यालय है और मुख्यालय में सीआईएसएफ के डीजी,आईजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
 

 दिल्ली पुलिस ने की त्यागराज स्टेडियम में योगा

योग दिवस पर दिल्ली पुलिस ने भी योगा की। दिल्ली पुलिस के तकरीबन 2000 पुलिसकर्मियों ने पुलिस कमिश्नर अमुल्य पटनायक के साथ दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में योगा की साथ ही हर डीसीपी ने अपने अपने क्षेत्र में योग दिवस मनाया। आपको बता दें तकरीबन 5.30 बजे से ही पुलिसकर्मी त्यागराज स्टेडियम में आ गए  थे और योग करने लगे थे और 7 बजे से लेकर 8 बजे तक सीपी समेत सभी अधिकारियों ने भी योगा की।  दिल्ली पुलिस के  सभी जिला में भी योग मनाई गई इसमें डीसीपी, एसएचओ,पुलिकर्मी भी मौजूद रहे.और हर दिन योग करने का इस विश्व योगा डे पर संकल्प भी लिया गया।

तिहाड़ जेल में भी 11 हजार कैदियों के साथ प्रशासन ने की योगा
17 जून को बाबा रामदेव तिहाड़ जेल गए थे और उन्होंने 11 हज़ार कैदियों के साथ योगा की थी वहीं 21 जून को विश्व योग दिवस पर भी तकरीबन जेल के सभी कैदियों ने प्रशासन के साथ मिलकर योगा की। इस योगा में कई जज के साथ साथ कई वरिष्ठ अधिकारी, तिहाड़ जेल के एडीजी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी थे।
 
दिल्ली सरकार ने नहीं की योग
वहीं इस योग दिवस में दिल्ली सरकार का कोई  मंत्री या विधायक योग करता नज़र नहीं आया, ना ही किसी ने योग दिवस पर अपनी राय रखी। विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि ना ही आम आदमी पार्टी ने ना ही कांग्रेस ने योग दिवस मनाया।
 
 

नई दिल्ली -दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पीड़ित पत्नियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें देश भर में मौजूद हर धर्म की महिला के साथ उनके पतियों के अत्याचार के बारे में बताया गया। आपको बता दें इन महिलाओं का आरोप है कि इनके पति विदेश में शादी करके चले जाते है और कुछ वक्त में उन्हें छोड़ देते हैं जिसके बाद पत्नियां कुछ नही कर पाती है। गौर करने वाली बात ये है कि हर धर्म की महिलायों के साथ ये हुआ है और किसी किसी महिला को उनके पतियों ने विदेश से ही तलाक दे दिया है। 
 
 विदेश में शादी करके एनआरआई पति छोड़ देते हैं पत्नियों को
 
सोच फ़ाऊंडेशन ने इन सभी पीड़ित महिलाओं को एक साथ खड़ा किया है और अब ये एक साथ खड़ी है और सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग कर रही है। साथ ही पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि जिनसे उनकी शादी होती है उन्हें पता चलता है कि उनके पति ने पहले से ही किसी और महिला से शादी कर रखी है। विदेश में एक बहुत बड़ी कंपनी में काम करने वाले एक दुबई में रहने वाले शक्श अली मुर्तज़ा ने भी लखनऊ से जुबी ज़ैदी से शादी की थी। पीड़िता जुबी ज़ैदी का कहना है कि उनकी शादी कुछ साल पहले हुई थी जिसके बाद जब वो विदेश में शादी के बाद रहने लगी तो उन्हें प्रताड़ित किया जाता था और उनसे कहा जाता था कि टॉयलेट साफ करो क्योंकि इंडिया के लोग सिर्फ गन्दगी की साफ करते हैं। लेकिन जुबी ने हार नही मानी और रिश्ते को चलाती रही लेकिन कुछ ही वक़्त में उन्हें पता चलता है कि उनके पति ने पहले से ही शादी कर रखी है और उनका 10 साल का बेटा भी है जैसे ही उन्होंने इस बात का विरोध किया कि उन्हें क्यों धोखा दिया गया तो जुबी को तलाक के पेपर सौंप दिए जाते हैं जबसे वो इंडिया में इस चीज़ की लड़ाई लड़ रही है और आज उनके साथ तकरीबन 200 से ज़्यादा महिलाएं साथ है।
 
केलिफोर्निया के शेल्टर में रहने को मजबूर है पीड़ित महिला
वहीं एक पीड़िता की तरफ से आये परिजन ने बताया कि उनकी बहन केलिफोर्निया के एक शेल्टर में रहने को मजबूर है। उसके पति ने उसे धक्के मारकर बाहर करदिया है। जिसके बाद वो एक शेल्टर में हक़ की आवाज़ के लिए खड़ी है और कोर्ट के चक्कर काट रही है। लेकिन उसकी कोई मदद नही हो रही है।
 
हिन्दुतान के लोग भी नही पीछे
वहीं एक और चौकाने वाला केस सामने आया एक फिजी देश की नागरिक भी प्रेस से मुखातिब हुई उन्होंने कहा कि दिल्ली का रहने वाले एक व्यक्ति ने उससे शादी की और अब उससे छोड़ रखा है। यहां तक कि जीबी रोड तक पर वो जाता है।
 
राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज से करेंगी पीड़िता मुलाकात
ये सभी पीड़िता कल देश के गृह मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने का समय मांगा है और ये अपनी बात भारत सरकार से रखेंगी की उन एनआरआई पर सख्त एक्शन लिया जाए।और उनके पासपोर्ट जब्त किए जाए।
 
पंजाब से 27000 महिलाएं हैं पीड़िता
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आये पंजाब से महिला इशू पर काम करने वाले लोगों ने बताया कि तकरीबन 27000 महिलाएं इस तरह से एनआरआई पतियों का शिकार बनी है और घुट घुट कर अब जिंदगी गुज़ारनी पड़ रही है। आपको बता दें प्रेस कॉन्फ्रेंस में बता उन पत्नियों की अथाह पीड़ा को बयान किया जिन्हें पति द्वारा छोड़ दिया गया। NRI के धोके में आकर शादी करने वाली महिलाओं को मानसिक यातना के अलावा शारीरिक यातनाओं से भी गुज़रना पड़ रहा है। 
 
 
पीड़िता के साथ साथ मां बाप भी झेलते हैं परेशानी
 
 तरनजीत कौर और जूबी ज़ैदी ने कहा कि कैसे NRI पतियों द्वारा छोड़ी गई इन लड़कियों के माँ बाप एक लंबी क़ानूनी लड़ाई झेलते हैं और उनको तमाम तरह की मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। FIR से लेकर सज़ा दिलवाने तक की मुहिम लंबी और काटों भरी है और इतना सब करने के बाद भी  उन्हें कामयाबी नहीं मिलती दिखती है।
 
वहीं इन पीड़िताओं के केस लड़ रहे अधिवक्ता अमन उस्मान ने कहा कि एक पीड़ित महिला केलिफोर्निया के एक शेल्टर में रह ही है जिसे उसके पति ने घर से निकल दिया है। वो दर दर की ठोकर अपने देश से हज़ारों किमी दूर अकेली रह रही है और अपने हक़ की आवाज़ उठा रही है। सरकार चाहे तो उन लोगों के पासपोर्ट कब्ज़ कर सकती है जिनके खिलाफ समन भेजा गया है और उन्होंने जवाब नही दिया है।
 
वहीं एक पीड़िता की तरफ से आये हुए अमरजीत सिंह ने कहा कि कैसे उनकी बहन को आर्थिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाता है ये वोही बेहतर जानते हैं। विदेशों में पति आराम से रह रहे हैं और उन्हें किसी चीज़ का खौफ नही है।
लोगों ने इसे पेशा बना लिया है कि भारत से लड़कियों से शादी करो कुछ समय वहां रहो और उन्हें उसके बाद छोड़ दो। और उस महिला की ज़िंदगी नर्क बना दो। 
 
सोच फ़ाऊंडेशन ने अपने सुझाव और माँगे रखी जिनका सीधा सरोकार- विदेश मंत्रालय, अदालतों, राष्ट्रीय महिला आयोग और जिला प्रशासन से है जिसमें पुलिस भी शामिल है। सोच फ़ाऊंडेशन की माँग है कि इन संस्थाओं को पीड़ित के समर्थन में पूरी तरह आना चाहिए ताकी NRI पतियों द्वारा सताई गई महिलाओं को न्याय मिल सके और आगे दूसरी लड़कियाँ ऐसे धोकेबाज पतियों से बचाई जा सकें। साथ ही साथ विदेश मंत्रालय से ये निवेदन किया कि जो पीड़िताएं विदेश में तन्हा रह रही है और अपने हक़ के लिए लड़ रही है उन्हें वित्तीय सहायता दी जाए।
भारत सरकार को इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच करा कर दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई करना चाहिये।
साथ ही उन पतियों का पासपोर्ट कुर्की किया जाए, और पीड़ित महिलाओं को प्रॉपर्टी में भी हिस्सा दिया जाए।और उन्हें समन दिया जाए जिससे उन्हें सख्त से सख्त सजा का खौफ रहे
 
साभार ईटीवी भारत

दिल्ली - हाल ही में दारुल उलूम का नाम यूज़ करके एक फतवा आया था कि शिया के घर की न शादी में जाओ न ही उनके साथ इफ्तार करो जिसके बाद पूरे देश मे उफान आ गया था। जिसके बाद जो लोग इसका फायदा चाह रहे थे उनको जवाब देने के लिए लिए खुद दारुल उलूम से अरशद मदनी सामने आए और उन्होंने कहा की मैं तो खुद शिया के घर खाता हूं उनके साथ रहता हूँ और उनके साथ ही इफ्तार खोलता हूं। वहीं इसी के साथ साथ जामा मस्जिद में शोल्डर टू शोल्डर संस्था ने मुस्लिम यूनिटी के लिए एक इफ्तार पार्टी का आयोजन कराया जिसमें सभी एक शिया सुन्नी एक साथ नज़र आए।

शिया सुन्नी ने जामा मस्जिद में एक साथ पढ़ी नमाज़ दिया, फर्ज़ी फतवे वालों को दिया एकता का जवाब
आपको बता दें मुस्लिम यूनिटी के लिए जामा मस्जिद के ऐवान ए शाही में शिया सुन्नी की इफ्तार पार्टी हुई जिसमें शिया सुन्नी एक साथ इफ्तार खोलते हुए नज़र आये और सबसे बड़ी बात ये रही कि सुन्नी मुस्लिम ने शिया इमाम  के पीछे नमाज़ पढ़ी। और हर देश को तोड़ने वाले लोगों को एकता का मैसेज दिया।
 
 
भारत मोहब्बत का देश है 
वहीं इस जगह लेखक और स्कॉलर दामीनी यादव भी आई जिन्होंने कहा कि हमने बचपन से ही सीखा है कि हमारा देश एक साथ है और सब एक साथ खुशी के साथ हमेशा रहते हैं। इन्किलाब की बुनियाद रखी गयी है आज इन्किलाब मुकम्मल नही हुआ।वहीं  लेखक दामीनी यादव ने कहा कि मुस्लिम चीनी की तरह हैं जिन्हें दूध में मिलादो तो कोई नहीं अलग नहीं कर सकता.
 
 
राजौरी गार्डन में भी शिया सुन्नी के साथ साथ सिख समुदाय भी हुआ शामिल
आपको बता दें जैसे ही ये नकली फतवा आया उसके बाद से ही मानो सब एक साथ नज़र आने लगे और दिल्ली के राजौरी गार्डन में भी एक इफ्तार पार्टी अनवर मिर्ज़ा की तरफ से कराई गई जिसमें सभी मुस्लिम के साथ साथ सभी धर्म के लोग शामिल हुए साथ ही साथ पुलिस एसएचओ और पूर्व सांसद महाबल मिश्रा भी मौजूद रहे। साथ ही साथ इस प्रोग्राम में सुभाष यादव, इमरान सैफी समेत कई कांग्रेस के नेता भी शामिल हुए।
 
विजय जॉली ने भी दिया एकता की मिसाल

 

वहीं बीजेपी नेता ने भी संगम विहार इलाके में मुस्लिमों को इफ्तार पार्टी दी जिसमें हर शिया सुन्नी मौजूद रहे और विजय जॉली ने कहा कि मुस्लिम समाज भारत की ताकत है और हमारा लक्ष्य भी सबका साथ सबका विकास है। 

दिल्ली - दिल्ली के जंतर मंतर में हज़ारों की तादात में मुस्लिमों ने विश्व मे हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र को एक ज्ञापन भी सौंपा। आपको बता दें इस प्रदर्शन में सुन्नी शिया सभी मुस्लिम मौजूद थे। ज़ुल्म के खिलाफ हर रमज़ान के आखिरी शुक्रवार को विश्व क़ुद्स डे मनाया जाता है जो पूरे विश्व मे मनाया जाता है और दिल्ली में भी हर साल मनाया जाता है 

 

आईएसआईएस समेत हर आतंकवादी संगठन का विरोध

 

जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मोहसिन तकवी ने कहा कि हमारा ये प्रदर्शन न सिर्फ फिलिस्तीन के लोगों के लिए है ये हिंदुस्तान से वो आवाज़ है जो हमेशा से हर मज़लूम के लिए उठती रही है। जिस देश में भी ज़ुल्म होता हैं या कोई मज़लूम मारा जाता है उस मज़लूम के समर्थन में हमेशा हर एक हिंदुस्तानी खड़ा मिलता है। चाहे सीरिया,यमन इराक आदि जहां भी बेकसूर लोगों का क़त्ल होता है वहां वहां के लिए हमारे देश की जनता आवाज़ उठाती है। 

 

 

फिलिस्तीन समेत हर मज़लूम के समर्थन में उठी हिंदुस्तान में आवाज़

विश्व मे जहां जहां भी ज़ुल्म बड़ रहा है उसके खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन होता है। जहाँ शिया सुन्नी सभी मुस्लिम एक साथ खड़े हुए। फिलिस्तीन में हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन हुआ।  साथ ही साथ फिलिस्तीन में बैतूल मुकद्दस को आज़ाद करने की आवाज़ उठाई।

 

 

 

 

सुन्नी शिया के साथ अतुल अंजान भी मौजूद

 

वहीं इस अल क़ुद्स के दिन सभी धर्म के लोगों के साथ साथ सीपीआई के नेता अतुल अंजान भी मौजूद थे। अतुल अंजान ने कहा कि जिस जिस का जो हक़ होता है उसे मिलना चाहिए किसी के साथ ज़ुल्म नही होना चाहिए।

 

 

ज़ालिमों का समर्थन करने वालों का जलाया पुतला

 

जिस देश मे भी ज़ालिमों की हिमायत ली जाती है उन सब का पुतला भी संसद मार्ग पर जलाया गया। साथ ही साथ आतंकवादी संगठनों का पुतला जलाया गया। आईएसआईएस समेत अलकायदा ,तालिबान जैसे दहशतगर्द संगठनों के खिलाफ भी आवाज़ उठाई। आपको बता दें इराक में भी 39 भारतीय नागरिकों का आईएस के आतंकियों के ज़रिए क़त्ल करदिया गया था, उन 39 भारतीयों की आवाज़ भी उठाई गई।

 

 

 

पीएम मोदी को दिया मेमोरंडम

 

वहीं इस प्रोटेस्ट के होने के बाद मजलिस के ओलमा ए हिन्द के प्रतिनिधि मंडल ने पीएम मोदी को एक मेमोरंडम दिया जिसमें दुनिया भर में हो रहे ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने और फिलिस्तीन में मस्जिद के अक़्सा की रिहाई की बात की। साथ ही विश्व मे शांति की भी भारतीयों के ज़रिए बात की।वहीं इस प्रोग्राम में मौलाना मोहसिन तकवी, जलाल नक़वी,मज़हर हसन नक़वी, इमरान अली, अज़हर अब्बास,इरफान, मज़हर अब्बास ग़ाज़ी, मोहम्मद हैदर, ग़ुलाम अली, मरदान अली, रिज़वान हैदर, मोहम्मद अस्करी, जिनान असग़र,तक़ी समेत कई मौलाना और नौजवान नौजूद थे।


 

V.o.H News: शहज़ाद आब्दी


 

मुख्य कार्यालय: ईरान 8 जून जुमे के दिन तेहरान, इसफहान, मशद, क़ुम, शीराज़, तबरेज जैसे 800 से अधिक शहरों में एक साथ अंतर्राष्ट्रीय कुदस दिवस मनाया गया। जिसमें शिया समुदाय और दूसरे समुदायों के धर्मगुरुओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर फिलिस्तीनी मजलूमों की हिमायत में ईरानी जनता के साथ पैदल मार्च की धर्मगुरुओं के अलावा बड़े राजनेता भी नजर आए और अमेरिका इसराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए।

V.o.H News, शहजाद आब्दी 


फिलिस्तीन पर अवैध ज़ायोनी क़ब्ज़े के 70 वर्ष बीत जाने तथा क़ुद्स को अवैध राष्ट्र की राजधानी के रूप में मान्यता देकर अमेरिकी दूतावास को क़ुद्स स्थान्तरित करने के फैसले के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे फिलिस्तीनी लोगों पर ज़ायोनी सेना की गोलीबारी पर चिंता व्यक्त करते हुए यूनिसेफ ने इन हमलों में घायल हुए बच्चों की भारी संख्या को लेकर चिंता जताई है

रूहुल्लाह आब्दी, ईरान से


शामी फौज ने दमिश्क और हमस के उपनगर इलाकों में आतंकवादियों का पीछा करते हुए उनके कई ठिकानों को अपने कब्जे में ले लिया है शामी फौज ने दमिश्क के दक्षिणी क्षेत्रों में फौजी कार्रवाई करते हुए दाईश के काफी ठिकानों को कब्जे में ले लिया है

(रूहुल्ला आबदी विशेष संवाददाता)


 

18 अप्रैल के दिन को तेहरान में ईरान विभाग खुफिया संस्था के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इमाम सैयद अली ख़ामेनई ने कहा दुश्मन मोर्चे जासूस संगठन अपने सारे संसाधन दोहन के बावजूद अब तक ईरान के खिलाफ कोई भी महत्वपूर्ण कार्रवाई नहीं कर सकते। 

एक समाचार एजेंसी के अनुसार, सीरिया के वायुसेना प्रणाली ने हमस के अल शाईरात एयरबेस  पर इजरायल के मिसाइल हमले को बाधित कर दिया है।

शाम से मिलने वाली ताज़ा सूचना में बताया गया है कि शाम के प्रांत हमस पर इसराइल ने बीती रात मिसाइलों से हमला किया है जिसे शाम रक्षा प्रणाली ने हवा में नाकाम कर फ़ायर किए गए सभी 12 बैलिस्टिक मिसाइलों को निष्क्रिय बना दिया है।

अमेरिकी हमलों के खिलाफ सड़कों पर उतरे सीरियाई लोग। 

अमेरिकी हमलों के खिलाफ सड़कों पर उतरे सीरियाई लोग। 

 

रूहुल्लाह आब्दी, विशेष संवाददाता-सीरिया पर हुए हमले के बाद से पूरे विश्व मे अमेरिका के खिलाफ़ आवाज़ उठाना शुरू हो गयी है। अमेरिका,ब्रिटेन और फ्रांस की विश्व स्तर पर निंदा की गई है, जिसके बाद सीरियाई लोग सड़कों पर भी उतरे। 

रसा समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, शामी बहादुर, निहत्थे और गयूर जनता ने कल सुबह दमिश्क की सड़कों पर निकल कर शाम को अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की आक्रामकता की निंदा और विरोध किया।

लोगों का कहना है कि एक वैसे ही सीरिया आईएस और विद्रोही के हमलों को झेल रहा है ऊपर से अमेरिका मगरमच्छ आंसूं दिखाकर उसपर और ज़ुल्म कर रहा है। अगर अमेरिका, फ्रांस को इतनी ही सीरिया की फिक्र है तो आतंकियों को यहां से भगाये। नाराज़ नागरिकों का कहना है कि अमेरिका कि वजह से ही आतंकी यहां पनाह लिए हुए है।

प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस और सीरिया के खिलाफ सीरिया को मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून के अधिकारों पर हमला किया।

 

सीरिया के प्रदर्शनकारियों, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित, सीरिया के खिलाफ हर तरह की आक्रामकता में सीरिया की सेना और सरकार के खिलाफ खड़ा होने का दृढ़ संकल्प था।

 

सीरिया की राजधानी दमिश्क में कल सुबह होने वाले प्रदर्शन ने दिखा दिया कि सीरियाई जनता दुश्मन के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं और उन्होंने अपने गठबंधन और एकजुटता से जिस तरह आईएस और जभतह  नुस्रा जैसे  आतंकवादी समूहों को हराया इस बार उनके समर्थक देशों को भी मात देगी। 

 

 

गौरतलब है कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने रासायनिक हथियारों का बहाना बना कर बिना किसी सबूत के कल सुबह शाम पर मिसाइल हमला किया जिस पर विश्व स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। यह हमला ऐसे में किया गया जब शाम सेना ने आइएस और जभतह नुस्रा जैसे आतंकवादी समूहों को हराया था जिससे बखूबी दिखाई देता है कि अमेरिका और उसके कुछ सहयोगी आइएस और जभतह नुस्रा जैसे आतंकवादी समूहों की हार से न केवल आपका नहीं बल्कि वे आतंकवादियों को बचाने के लिए आतंकवाद का मुकाबला करने वाले सीमावर्ती देशों और आंदोलनों नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। और सीरिया पर हमला भी इसी लिए किया गया है।