ईद ए ग़दीर मनाने का क्या है मक़सद, शिया मुसलमानों के लिये क्यों है आज का दिन ख़ास

देश
Typography

काबे में हो विलादत,मस्जिद में हो शहादत, क्या शान है अली की, क्या मरतबा अली है। मौला अली के ऐलान ए विलायत पर ईद ए गदीर अकीदत के साथ मनाई जाती है। लोगों नए लिबास पहनते है और अपने घरों में महफिल व नज्र का आयोजन करते हैं। इसके अलावा शहर और गांव की मस्जिदों में ईद ए गदीर की नमाज होती है। लेकिन इस बार पूरी दुनिया को कोरोना के संकट में परेशान है। 

ईद ए गदीर मुसलमानों की सबसे बड़ी ईद मानी जाती है ये शिया समुदाय के लोग इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं ये हिंदुस्तान समेत पूरी दुनिया में मनाई जाती है। इस बार कोरोना के दौर में भी ईरान में ईद ए गदीर पर झांकियां निकाली गई। 

क्यों मनाई जाती है ईद ए ग़दीर

ईद ए गदीर का दिन विलायत का ऐलान का दिन है बताया जाता हैं कि मोहम्मद साहब आखरी हज से लोट रहे थे,तब गदीर नामक मैदान पर पहुँचे वहा लाखो  के मजमे के सामने ऐलान किया था,की हज़रत अली मेरे बाद मेरे वली,वसी, खलीफा है जिसके बाद मोहम्मद साहब और हजरत अली को सभी हाजियों ने मुबारकबाद दी तब से यह चलन है। इस तारीख के दिन मुसलमान समुदाय खुशी मनाते हैं। शिया समुदाय के लिए ईद के ग़दीर सबसे बड़ी ईद है।

Youtube पर भी हमे Follow करें

हमारा Twitter एकाउंट Follow करें

Today News Bulletin

हमारा Facebook पेज Like करें

Latest News