ईद ए ग़दीर क्यों है शिया समुदाय के लिए सबसे बड़ी ईद, इस दिन मोहम्मद साहब ने आख़िर किस चीज़ का किया था एलान

देश
Typography

ईद ए ग़दीर की हर जगह बहुत बहुत मुबारक दी जा रही है, लेकिन आखिर ईद ए ग़दीर है क्या? आइये अब बताते हैं आखिर है क्या ये सबसे बड़ी ईद?

मन कुनतो मौला फा आज़ा अलीयुन मौला

जिस जिस का मैं मौला उस उस का अली (अ.स.) मौला

पैगम्बर मोहम्मद (स.अ.व.स.) जिस वक्त हज करके वापस लौट रहे थे तो उस वक्त रास्ते में एक जगह पड़ती है जिसका नाम था खुम (जिसे अब अल जोहफा के नाम से जाना जाता है) वहां एक लाख से ज़्यादा सहाबा के बीच नबी (स.अ) ने खुदा के हुकुम से हज़रत अली अ.स. (जो उनके चाचा ज़ात भाई और दामाद भी थे) को अपना जानाशीन बताया।

उन्होंने(स.अ) कहा था कि अली (अ,स.) का दोस्त मेरा दोस्त है..और जो इनसे दुश्मनी करेगा वो मुझसे दुश्मनी करेगा।और जिसने मुझसे दुश्मनी की यानि उसने खुदा से दुश्मनी रखी। ये पूरा वाक्या 18 ज़िल्हिज्ज को हुआ था,जिसके बाद से सभी वहां मौजूद लोगों ने अली (अ.स.) को मुबारक बाद दी।इसमें खुद सहाबी हज़रत उमर, उस्मान भी मौजूद थे, जिन्होंने भी हज़रत अली अ.स.को मुबारकबाद दी।तो इसलिए आज 18 ज़िलहिज्जा है जो इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक साल का आखिरी महीना होता है,तो अब इसलिए अपने नबी (स.व.स.) की कही गई बात को मानते हुए सभी  ईद ए ग़दीर की मुबारक बाद पेश करते हैं,क्योंकि  नबी (स.अ.) की क़ौल खुदा की बात होती है।और हज़रत अली अस की विलायत के ऐलान के बाद ही ख़ुदा ने कहा कि अब दीन मुकम्मल हुआ।

देखा जाए तो इस्लाम दीन ही पूरा न होता अगर ये दिन न होता क्योंकि इसी दिन इस्लाम मुकम्मल हुआ था। इस हिसाब से मुसलमान के लिए सबसे बड़ी ईद आज यानी ईद ए ग़दीर है।इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं, ग़ुस्ल करते हैं,खुशबू लगाते हैं अपने बच्चों, समेत दूसरे लोगों को ईदी देते हैं, साथ ही इस दिन ज़ोहर की नमाज़ से पहले आमाल भी होते हैं और नमाज़ भी। इस दिन मुस्लिम रोज़ा भी रखते है.और खुशियां मनाते हैं।

 

 

 

 

 

 

Youtube पर भी हमे Follow करें

हमारा Twitter एकाउंट Follow करें

Today News Bulletin

हमारा Facebook पेज Like करें

Latest News