कोविड-19 अस्पताल में कोरोना मरीज़ो ने जमकर काटा हंगामा

कोरोना अपडेट
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यूपी के बलिया में कोविड-19 से जुड़े अस्पतालों की दुर्व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रही। लगातर आये दिन जैसे-जैसे मरीजो की संख्या बढ़ रही वही कोरोना मरीजो के लिए बनाए गए अस्पतालों के अंदर का वीडियो वहा लाये जा रहे मरीजों के द्वारा वायरल कर सिस्टम के उदासीनता का पोल खोल रहे है।

जिसे लेकर राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला और तमाम राजनीतिक पार्टियों के शिकायत पर बलिया सीएमओं को मुख्य मंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देश पर गैर जनपद में स्थानांतरित कर दिया गया। ताजा मामला बांसडीह रोड अंतर्गत शांति हॉस्पिटल का है जिसे जिलाप्रशासन के द्वारा कोविड-19 एल-1 हॉस्पिटल के लिए चिन्हित कर तमाम कोरोना मरीजों के उपचार के लिए बनाया गया है। जहा इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने जम कर अस्पताल के दुर्व्यवस्था, भोजन, गर्म पानी, काढ़ा और साफ - सफाई की घोर अनियमितता को कैमरे में कैद कर वायरल कर एक बार फिर बलिया स्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आप को बताते चले की यही हाल बलिया में बने लगभग सभी कोविड-19 अस्पतालों का है जिसका वीडियो आये दिन वायरल किया जा रहा है। जिसके बाद सरकारी तंत्र पहुंचता है और अस्वाशन देकर चलते बनता है। शान्ति हॉस्पिटल में क्वारेंटीन किये गए कोरोना मरीजों की माने तो यहाँ साफ साफ के नाम पर कुछ भी नही, चारो तरफ गन्दगी का अंबार लगा है, सुबह का बचा खाना साम को भी दिया जा रहा है, गर्म पानी और काढा के नाम पर कोई भी व्यवस्था ठीक से उपलब्ध नही है। बीती साम मरीजो ने भोजन को लेकर जम कर हंगामा किया जिसका वीडियो भी वायरल किया गया। वही सोशल प्लेटफार्म पर तमाम तरह के कोरोना मरीजों के इलाज के लिए सरकारी सुविधाओं का ब्योरा वायरल किया जा रहा है जिसमे एक दिन में कोरोना के मरीजों पर हजारों रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है।

बात अगर बलिया के कोविड-19 अस्पतालों की करे तो ऐसे मामलों पर बलिया प्रशासन बार-बार अपनी सफाई में सब कुछ दुरुत्त बता रहा है वही मरीजों के द्वारा लगातार वायरल वीडियो में मरीज कोरोना के इलाज के लिए बने एल-1 हॉस्पिटल के व्यवस्था का पोल खोल रहे है। जिसे लेकर वर्तमान पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने भी नाराजगी जताते हुए स्वयं उनकी व्यवस्था कर इलाज करने तक की बात कह चुके है। अब सवाल ये उठता है कि अगर कोरोना मरीजों के व्यवस्था और उनके इलाज के संसाधन जुटाने में सरकारी सिस्टम असमर्थ है तो फिर इलाज और क्वारेंटीन के नाम पर ये कौन सा खेल खेला जा रहा है। वही शासन के ही लोग ऐसी व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सवाल तो खड़ा कर रहे है लेकिन वो भी इस व्यवस्था को सुधारने में असमर्थ है। क्या सीएमओं का तबादला महज एक दिखावा है या राजनीति के भेंट चढ़ गया है बलिया का स्वास्थ्य विभाग और सरकारी सिस्टम।

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