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ISIL आतंकी बगदादी को भारत आने की दावत देने वाले मौलाना नदवी ने कहा, 1992 जैसे हालात न हो इसलिए मुसलमान कहीं और बना लें मस्जिद

 लखनऊ
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V.o.H News: हाल ही में राम मंदिर मुद्दे पर पैरोकार भूमिका निभा रहे मौलाना सलमान नदवी ने आर्ट ऑफ लिंविंग के गुरु श्री श्री रविशंकर से मिलकर इस मुद्दे पर बात करने के लिए ऑल इंडियाल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। अब उन्होंने एक टीवी डिबेट के दौरान कहा कि मुसलमानों को शांति के लिए मस्जिद किसी और जगह बना लेनी चाहिए।

दरअसल रिपब्लिक टीवी पर एक डिबेट का आयोजन किया गया जिसमे मौलाना नदवी के साथ मुस्लिम पॉलिटिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमपीसीआई) के नेता तस्लीम रहमानी भी मौजूद थे। राम मंदिर मुद्दे पर चल रही इस डिबेट में रहमानी ने मौलाना सलमान नदवी पर सिसायी दलों की हिमायत करने और अपने स्वार्थ के लिए काम करने के आरोप भी लगाए। रहमानी ने कहा कि वह हमेशा से अमन के पैरोकार रहे हैं, इसलिए जो रास्ता चैन और अमन का है, भाईचारे का है, उस पर काम करना चाहिए।

सलमान नदवी ने कहा, ‘हमारी शरीयत में इस बात की गुंजाइश हैं कि मस्जिद जहां थी, उसको हटाकर के और कहीं भी बनाया जा सकता है। अगर जहां मस्जिद थी, वहां वो ढहा दी गई और मस्जिद की वजह से झगड़े हैं, और खून बह सकता है और बहा 1992 में तो इसलिए ऐसी शक्ल में शरीयत का ये हुक्म आसानी वाला है, सहूलियत वाला है, इससे एतमाद पैदा होता है। उस हुक्म को इख्तियार करके मस्जिद की जगह तब्दील कर देना चाहिए।’मौलाना ने आगे कहा, ‘आगे किसी मस्जिद के साथ या दरगाह, मदरसे के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, इसकी जमानत लेनी है। इसका मुआवजा करना है। सुप्रीम कोर्ट में भी इसको रजिस्टर्ड करना है।’

डिबेट के दौरान रहमानी ने मौलाना नदवी के मस्जिद ‘ढहाए’ वाले शब्द पर एतराज जताते हुए कहा, ‘1992 से लेकर आज तक बाबरी मस्जिद ढहाए जाने से नहीं, जो लफ्ज मौलाना इस्तेमाल कर रहे हैं, मस्जिद को ढहाना, मैं कहता हूं मस्जिद को शहीद करना, ये फर्क है, मौलाना के और मेरी बात में, वो मस्जिद को ढहाने का लफ्ज इस्तेमाल कर सकते हैं, मैं मस्जिद की शहादत का लफ्ज इस्तेमाल करूंगा, और 1992 से आजतक मैंने हर पब्लिक मीटिंग में कहा है कि हिंदुस्तानी मुसलमानों के दिल पर लगा हुआ एक ऐसा जख्म है, एक ऐसा जख्म है कि अगर ये जख्म हमारे अंदर से भर भी गया, हम इसको खुरच के जख्म को जिंदा कर देंगे।’ रहमानी की इस टिपण्णी पर टीवी एंकर भड़क गईं और उनसे कहने लगीं कि आप डर की राजनीति खेलते हैं और अब आप टीवी पर अल्टीमेटम दे रहे हैं पूरे देश को।

 

 

 

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