कोरोना - दुनिया खड़ी है बरबादी की कगार पर.. क्या अब वो आने वाला है जिसका है इंतेज़ार

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अली अब्बास नक़वी /ज़ीशान हैदर ज़ैदी -
कोरोना एक ऐसी बीमारी आई जिससे बचने के लिए हर देश जुटा पड़ा है.. और अभी तक उसका तोड़ नहीं निकाल पाया है.. 
 
 21 जून को सूरज ग्रहण था.. पूरी दुनिया की नज़र उसी पर थी..  एक वक्त था जब 2012 में इसी तरह का ग्रहण होने वाला था और चारों तरफ एक अफवाह थी कि प्रलय आने वाला है.. लेकिन हर धर्म का व्यक्ति ये जानता है कि ईश्वर की तरफ से अभी एक अवतार भेजा जाना बाकि है जो पूरी दुनिया में अमन और चैन भर देगा.. और उसी के बाद ही प्रलय आएगा.. 
आईए आपको बताते हैं कि हर धर्म किस किस नाम से उस अवतार को याद करता है और उनका यकीन है.. 
 
 हिंदू धर्म की बात करें तो उनका यकीन है कि ज़रुर कलकी अवतार नाम से एक दूत इस दुनिया में आएंगे जो इस दुनिया में सिर्फ और सिर्फ इंसाफ ही चारों तरफ भर देंगे..और जुल्म दूनिया से खत्म हो जाएगा.. वहीं ये भी बताया जाता है कि वो सफेद रंग के घोड़े पर होंगे..कहा जाता है कि विष्णू के दसवें बेटे वो होंगे..
 
वहीं बाइबल की बात करें तो ईसाई धर्म के लोग भी मानते हैं कि ज़रुर हज़रत ईसा मसीह के साथ एक अवतार इस दुनिया में फिर से आएंगे..जो पूरे दुनिया में अमन और चैन भर देंगे..
 
वहीं अगर मुस्लिम की बात करें तो उनसब का भी मानना है कि ज़रुर इमाम मेहदी इस दुनिया में आएंगे,जो मोहम्मद साहब की औलाद में से हैं..  वहीं कुछ का मानना है कि उनका जन्म अभी नहीं हुआ है.. और शिया समेत कई फिरके का मानना है कि इमाम मेहदी का जन्म हो चुका है.. अभी वो परदे ए गैब में हैं(यानि उन्हें कोई देख नहीं सकता) 
 
कहा जाता है कि हज़रत इमाम मेहदी का जन्म 15 शाबान 255 हिजरी में सामर्रा (इराक़) में हुआ था. जिस हिसाब से 29 जुलाई 869 ईसवी का दिन था जब 11वें इमाम ह. हसन असकरी अस और उनकी पत्नी नरगीस खातून सअ( जो रोमन की शहज़ादी भी थी उनके बेटे इमाम मेहदी अजफ हुए. जिसके बाद 5 साल की उम्र के वक्त में ही उनके वालिद यानि 11वें इमाम हज़रत इमाम हसन अस्करी अस की शहादत हो चुकी थी.. 
 
इमाम मेहदी जब आएंगे उससे पहले कहा जाता है कि कुछ चीज़े होंगी.. और उन चीज़ों के बाद ही समझ आने लगेगा कि जल्द ही इमाम मेहदी आने वाले हैं..यूं कहे कि दुनिया बरबादी की कगार पर खड़ी होगी..और देखा जाए तो कोरोना जैसी बीमारी ने पूरी दुनिया को बरबादी की कगार पर ही लाकर खड़ा कर दिया है..
 
आइए आपको बताते हैं कुछ किताबों की बात जिसमें लिखा गया है कि कौन कौन सी ऐसी अलामतें होंगी जिनके होने से पता चल जाएगा कि इमाम मेहदी का ज़ुहुर होने वाला है.. और वो आने वाले हैं..इन्हें पढ़ कर आप भी सोचेंगे कि हां ये वही  दौर चल रहा है..
 
1. सियां आंधी का आना
2. भूकम्पों को आना
3. चीटी और टिड्डियों की कसरत जो खेतों को खा जाएं
4. मस्जिद आबाद मगर हिदायत से खाली होंगी
5. झूठी गवाही दी जाएंगी
6. लड़के औरत की तरह उजरत पर इस्तेमाल होंगे
7. नेकी के रास्तें छोड़ दिए जाएंगे
8. नेक(मोमिन) से ज्यादा पैसे वाले लोगों की इज़्ज़त होगी
9.शराब के ज़रिए मरीज़ो का इलाज कराया जाएगा
10 मिम्बर पर तकवे(अच्छे बने रहने ) का ज़िक्र किया जाएगा. जबकि वो खुद ये नहीं करेंगे
11.सदका और खेरात(दान आदि) खुदा के लिए नहीं बल्कि सिफारिश या दिखावे के लिए दिया जाएगा
12. भाई भाई से जलन करेगा
13. दिलों में ज़हर की तरह तकब्बूर होे लगेगा
 
रिश्वत और शराबखोरी आम होगी - वज़ीर झूठे होंगे,  सदक़ा व खैरात से नाजायज़ फायदा उठाया जायेगा, पश्चिम से सूरज निकलेगा,  एक सुर्खी ज़ाहिर होगी जो आसमान और सूरज पर गालिब आ जायेगी, लोग सवारियों से टकराकर मरेंगे - शाम(सीरिया) तबाह व बरबाद हो जायेगा - शाम (सीरिया) में चीनी घुस जायेंगे - कुछ गिरोह सुअर और बन्दर की सूरत में बदल जायेंगे - बुराई का हुक्म अपने बच्चों को दिया जायेगा और अच्छाई से रोका जायेगा -   औरतें अपने शौहरों को मर्दों के साथ बदफेअली पर मजबूर करेंगी - जज फैसले में रिश्वत लेंगे - क़ब्र से कफन चुराकर बेचा जायेगा - लाश का मज़ाक उड़ाया जायेगा - ऐसे हाकिम होंगे कि जब उनसे कोई बात करेगा तो क़त्ल कर दिया जायेगा - सूदखोरी खुलेआम होगी - दरिन्दे इंसानों से बातें करने लगेंगे - इंसान की रानें बोलने लगेंगी और वह उसके घर के लोगों ने जो कुछ किया होगा घर के मालिक से बताने लगेंगी - मस्जिदों से आवाज़ें ऊंची होंगी - एक यमनी बादशाह ‘हसन’ नामी यमन से खुरूज करेगा - हज का रास्ता बन्द कर दिया जायेगा - अहले नाक़स ‘नुसैरी’ की हुकूमत पूरी दुनिया पर छा जायेगी -  तिब्बत की तबाही चीन की वजह से होगी - दुनिया में हब्शियों का ज़ोर होगा ..सबसे बड़ी चीज़ 15 शाबान को चंद्र ग्रहण/सुरज ग्रहण होगा और इसके 15 दिन के अंदर ही एक बार और सुरज ग्रहण/चंद्र ग्रहण होगा
 
निशानी आने लगी है नज़र, 2021 में क्या दिख जाएगा सब?
अगर हम इन सब चीज़ों की बात करें तो इनमें से अधिकतर हर चीज़ ही हमें देखने को आज को दौर में मिल रही है..कोरोना की वजह से जहां पूरे विश्व को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं सिंया आंधी तो कभी भूकंप तो कभी टिड्डियों के आंतक की वजह से खेतों का नुकसान हो रहा है.. ये सारी चीज़े आप देखे तो आपको आज के दौर की ही दिख जाएंगी.. 
 
वहीं 15 शाबान(इस्लामिक कैलेंडर का महीना) इस बार  26 मई 2021 को पड़ेगी, जिस दिन खुद चंद्रग्रहण लगा है.. जिसे ब्लड मून के नाम से भी जाना जाता है.. वहीं उसके बाद 10 जून 2021 को सुरज ग्रहण होगा.. 
 
हम देख सकते हैं कि इन भविष्यवाणियों में से बहुत सी आज के दौर में सच होती दिख रही हैं, और बहुत सी आइंदा हक़ीक़त बनकर सामने आ जायेंगी, आसार कुछ ऐसे ही नज़र आ रहे हैं। इस तरह खुदा का वादा पूरा होकर रहेगा, ज़ुल्म व ज़्यादतियों के दौर में इमाम(अ.) का ज़हूर होगा जो ज़ालिमों से जंग करेगा और हक़ और सच्चाई का रास्ता कायम करेगा.. किताबों के मुताबिक जब इमाम(अ.) ज़ाहिर होंगे तो आप चालीस साल के जवान होंगे। जिस्मानी ताकत इतनी होगी कि मज़बूत पेड़ों को अपने बाज़ुओं की ताकत से उखाड़ देंगे। रफ्तार इतनी तेज़ कि चन्द कदमों में पूरी दुनिया नाप लेंगे।
 
इमाम मेहदी के आने के बाद क्या क्या होगा
इमाम मेहदी अजफ सउदी अरब में सबसे पहले आएंगे.. कहा जाता है कि उनके साथ शुरू में 313 चाहने वाले होंगे... जो पूरी दूनिया के कोने कोने से इमाम के बुलाने पर आ जाएंगे.. इमाम  के आने के बाद दज्जाल आएगा.. जो जुल्म का पेरोकार होगा.. कहा जाता है कि हज़रत ईसा भी एक बार वापस आएंगे.. और खुद इमाम मेहदी के साथ दज्जाल से लडे़गें, साथ ही इमाम मेहदी के पीछे खड़े होकर नमाज़ पढ़ेगे..साथ ही इमाम मेहदी की हुकुमत कई सालों तक रहेगी.. जिसमें सिर्फ और सिर्फ अमन और सुकून होगा। बकरी और भेड़िया, गाय और शेर, इंसान और साँप, जुंबील और चूहे सब एक दूसरे से बेखौफ होंगे। तमाम लोग पाकबाज़ होंगे। आजिज़ों, ज़ईफों की दादरसी होगी। ज़ुल्म दुनिया से मिट जायेगा। दीन के मुरदा दिल में ताज़ा रूह पैदा हो जायेगी। दुनिया के तमाम मज़हब खत्म हो जायेंगे। सिर्फ खुदा का बताया हुआ धर्म होगा और उसी का डंका बजता होगा। खुदा की तरफ से शहरे मक्का के हरे भरे मैदान में मेहमानी होगी। सारी दुनिया खुशियों से भर जायेगी। दुनिया के तमाम मज़लूम बुलाये जायेंगे और उनपर ज़ुल्म करने वाले हाज़िर किये जायेंगे। इमाम हुसैन(अ.) के खून का मुकम्मल बदला लिया जायेगा और इस तरह इमाम मेहदी(अ.) ‘दम तोड़ चुकने वाली किताब व सुन्नत को फिर से जिंदा कर देंगे।
 
मनाक़िब अहलेबैत के मुताबिक जब आखिरी धर्माधिकारी ज़हूर करेंगे तो वह मिस्र की तरफ जायेंगे। उस शहर की जामा मस्जिद में मेंबर पर बैठेंगे और लोगों के सामने खुत्बा पढ़ेंगे। फिर बहुत जल्द ज़मीन को इंसाफ की खुशखबरी दी जायेगी। आसमान बारिश बरसायेगा, दरख्त फल देंगे। ज़मीन तमाम नबातात उगायेगी। ज़मीन को उसपर रहने वालों के लिये ज़ीनत बख्शी जायेगी। लोग दरिन्दों से महफूज़ हो जायेंगे। यहाँ तक कि दरिन्दे रास्ते में जानवरों की तरह चरेंगे। इल्म व दानिश लोगों के दिलों में जगह बनायेगी। यहाँ तक कि कोई मोमिन इल्म में अपने भाई का मोहताज नहीं होगा।
 
 
2012 में थी प्रलय आने की अफवाह
जिस भी इंसान को यकीन है कि जब तक इमाम मेहदी ना आ जाए तब तक प्रलय नहीं आ सकता, वो बिल्कुल भी नहीं सोच सकता कि प्रलय आ सकता है.. क्योंकि कयामत इमाम अजफ के आने के कई साल बाद ही आएगी..हर धर्म में यकीन है कि ईश्वर का अवतार ज़रूर दूनिया में आएगा जो पूरी ज़मीन को इंसाफ से भर देगा.. वहीं जिस तरह से आज के दौर में जुल्म बढ़ता जा रहा है उससे साफ नज़र सा आरहा है कि जल्द ही इमाम मेहदी अजफ आने वाले हैं..ये सभी चीज़े निशानियां बताई गई है.. जो कई किताबों आदि में हैं वहीं सच जब ही पता चल पाएगा जब वो ईश्वर की तरफ से भेजा गया अवतार दुनिया में आएगा..
हम सब भी यहीं दुआ करते हैं कि इंशाल्लाह जल्द से जल्द इमाम का ज़ुुहुर हो जाए..
आमीन
 
 

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