अमेरिकी अधिकारियों द्वारा हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ किए जा रहे दावों को फ्रांस ने ख़ारिज किया

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फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि, ऐसे कोई भी साक्ष्य नहीं मिले हैं कि जो इस साबित कर सकें कि हिज़्बुल्लाह ने किसी भी यूरोपीय देश में केमिकल भंडार कर रखा है।

रोयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, फ्रांस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता “एग्नेस वॉन डेर मोहिल” ने शुक्रवार को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ किए जा रहे दावों को ख़ारिज करते हुए कहा कि, उनके द्वारा किए जाने वाले दावों का कोई ऐसा प्रमाण नहीं है जिससे यह बात साबित हो कि हिज़्बुल्लाह ने किसी भी यूरोपीय देशों में रसायनिक भंड़ार कर रखा है। याद रहे कि गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के आतंकवाद निरोधक समन्वयक अधिकारी “नाथन सेल्स” ने यह दावा किया था कि, हिज़्बुल्लाह केमिकल पदार्थों, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल है, उसको बेलजियम, फ्रांस, यूनान, इटली, स्पेन और स्वीडन से तस्करी करके उन्हीं देशों में भंड़ार किए हुए है।

इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने अपने हालिया बैरूत दौरे के दौरान यह कहा था कि, हिज़्बुल्लाह को लेबनानी राष्ट्र ने चुना है और हिज़्बुल्लाह एवं लेबनान की अन्य पार्टी के बीच साझेदारी है। बता दें कि, क्षेत्र में तकफ़ीरी आतंकवादियों के मुक़ाबले में ईरान और हिज़्बुल्लाह को मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद से नाराज़ अमेरिका और उसके सहयोगियों ने प्रतिरोध मोर्चों पर विभिन्न हथकंड़ों इस्तेमाल करके उनपर दबाव बनाने अपनी नीति में तेज़ी ले आए हैं। ईरान और हिज़्बुल्लाह प्रतिरोध के मोर्चे के मुख्य चेहरे हैं। क्षेत्र में अमेरिका और इस्राईल की साज़िशों से मुक़ाबले में इन दोनों की मुख्य भूमिका है। (parstoday)

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