Thursday, April 25, 2024
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रूस-यूक्रेन युद्धः क्या चीन से बात करने पर मजबूर हुआ अमेरिका? बाइडन की शी जिनपिंग को धमकी या अपील, व्हाइट हाउस का क्या है गेम प्लान?

यूक्रेन के मुद्दे पर पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए बातचीत हुई है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार सुबह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बात की। नवंबर 2021 के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली वीडियो कॉन्फ्रेंस के मध्यम से वार्ता है। चीन के सरकारी मीडिया ने बातचीत की कुछ बातें तुरंत सार्वजनिक करते हुए चीनी राष्ट्रपति के पक्ष को सामने रखा। चीन के सरकारी मीडिया के अनुसाक शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को वैश्विक ज़िम्मेदारियों के सामने कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए और विश्व में शांति स्थापित करने की कोशिशें करनी चाहिए। याद रहे कि, व्हाइट हाउस यूक्रेन पर रूसी हमले के लिए रूस को सैन्य एवं आर्थिक सहायता मुहैया कराने का चीन पर आरोप लगा रहा है। बताया जाता है कि इस वार्ता की योजना पर तब से काम हो रहा था, जब बाइडन और शी जिनपिंग ने पिछले साल नवंबर में एक डिजिटल शिखर बैठक की थी। हालांकि, यू्क्रेन के ख़िलाफ़ रूसी हमलों को लेकर वाशिंगटन और बीजिंग के बीच मतभेदों के इस बातचीत के केंद्र में रहने की उम्मीद है।
इस बीच चीन ने शुक्रवार को एक बार फिर वार्ता करने और मानवीय सहायता के लिए अनुदान को लेकर अपनी अपील दोहराई। साथ ही, उसने अमेरिका पर रूस को उकसाने का और यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर संघर्ष को बढ़ाने का आरोप लगाया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने दैनिक ब्रीफिंग में कहा कि, ‘चीन ने हर समय जनहानि टालने की हर कोशिश करने की अपील की है। ’ उन्होंने कहा, ‘यह जवाब देना आसान है कि यूक्रेन में आम लोगों को किस चीज़ की ज़्यादा ज़रूरत है, भोजन की या मशीन गन की?’ वहीं इस बातचीत से पहले शुक्रवार को ही अमेरिकी विदेश उप मंत्री वेंडी शेरमैन से अमेरिकी न्यूज़ चैनल सीएनएन से इस बारे में बात की। शेरमैन ने कहा कि हमारा संदेश साफ़ है, चीन को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों का साथ देना चाहिए। उन्होंने कहा, चीन को यह समझना चाहिए कि “उसका भविष्य अमेरिका, यूरोप और दुनिया के अन्य विकसित और विकास कर रहे देशों के साथ है। व्लादिमीर पुतिन के साथ खड़े रहने में उनका भविष्य नहीं है।” अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने भी बातचीत से पहले साफ़ किया था कि बाइडन शी जिनपिंग से साफ़ कहेंगे कि अगर चीन ने गुपचुप तरीक़े से भी प्रतिबंधों से बचने में रूस की मदद की तो उसे इसका अंजाम भुगतना होगा। (RZ)

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