Thursday, April 25, 2024
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पढ़िए: एक महिला की कहानी जो 600 कुंवारी लड़कियों के खून से नहायी थी

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ड्रैकुला नाम आते ही हमारे जहन में हॉलीवुड की कुछ हॉरर फिल्मों के सीन्स याद आते हैं। हॉलीवुड में कई ड्रैकुला बेस्ड फिल्में बनी हैं जिनमें से एक साल 1992 में रिलीज हुई डायरेक्टर फ्रांसिस फोर्ड कोपोला की ‘ब्रैम स्टोकर्स ड्रैकुला’ अपने जमाने की बेहतरीन फिल्मों में से एक है। लेकिन क्या आपने कभी जीती-जागती ड्रैकुला के बारे में सुना है? नहीं सुना को कोई बात आज हम आपको ऐसी महिला के बारे में बता रहे हैं जिसे जीती-जागती ड्रैकुला ही कहा जाता था। जिसे लड़कियों के खून से नहाने का खौफनाक शौक लग गया था।

हम बात कर रहे हैं हंगरी की महिला एलिजाबेथ बाथरी की, जिसका जन्म हंगरी साम्राज्य के बाथरी परिवार मे हुआ था। उसकी शादी फेरेंक नैडेस्‍डी नाम के शख्‍स से हुई थी और वह तुर्कों के खिलाफ युद्ध में हंगरी का राष्‍ट्रीय हीरो था। एलिजाबेथ बाथरी को इतिहास की सबसे खतरनाक और वहशी महिला सीरियल किलर के तौर पर जाना जाता है। जिसने 1585 से 1610 के दौरान अपनी जवानी को बरकरार रखने के लिए अपने महल में 600 से ज्यादा लड़कियों की हत्या कर दी थी।

इतना ही नहीं लड़कियों की हत्या करने से पहले उनपर बहुत अत्याचार किया जाता था। आखिरकार उसके 25 सालों के खौफनाक आतंक के बाद हंगरी के राजा ने उसे गिरफ्तार कर लिया और 21 अगस्त 1614 को कैद के दौरान ही उसकी मौत हो गई। ऐलिजाबेथ, कुवांरी लड़कियों को मौत देने से पहले बुरी तरह प्रताड़ित किया जाता था। बर्बरता से उनकी पिटाई की जाती थी, उनके हाथों को जला या काट दिया जाता था। कई बार वह लड़कियों के चेहरे या शरीर के दूसरे अंगों का मांस दांतों से काटकर निकाल लेती थी। अंत में उनकी हत्या कर उनका खून एक टब में इकठ्ठा कर लिया जाता जिसमे एलिजाबेथ बाथरी स्नान करती।

जब उसे गिरफ्तार किया गया था तब उसके महल से अनेक लड़िकयों की विकृत लाशे औऱ कुछ बेड़ियों से जकड़ी जिंदा लड़कियों को बरामद किया गया। आज एलिजाबेथ बाथरी की मौत के 400 साल पूरे हो चुके हैं। बाथरी के जीवन पर कई किताबें लिखी जा चुकी हैं और कुछ फिल्में भी बन चुकी हैं। ये भी बताया जाता है कि आयरलैंड के उपन्यासकार ब्राम स्टोकर ने बाथरी के विषय से ही प्रेरित होकर 1897 में ड्रैकुला उपन्यास लिखा था।

 

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