Thursday, April 25, 2024
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लड़ाई का अड्डा बना बिहार कांग्रेस का सम्मलेन स्थल 

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शिवेश्वर कुमार- बिहार प्रदेश कांग्रेस में मचे घमासान के बाद आज सदाकत आश्रम में राज्य प्रतिनिधियों का सम्मेलन बुलाया गया है जिसमें भाग लेने पार्टी अॉफिस पहुंचे कांग्रेस नेताओं कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई। सदाकत आश्रम के अंदर व बाहर जमकर हंगामा हुआ और इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी के साथ धक्का-मुक्की भी की गई, जबकि उनके समर्थकों के कपड़े भी फाड़ दिये गये। 

हंगामे के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम पुलिस छावनी में परिवर्तित हो गया है। राज्य प्रतिनिधियों के सम्मेलन में भाग लेने सदाकत आश्रम पहुंचे कांग्रेस नेताओं कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई है, कांग्रेस के नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रवेश द्वार पर रोक लगाये जाने के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाये।

इस दौरान अशोक चौधरी के साथ ही उनके गुट के नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की गयी। बढ़ते बवाल के मद्देनजर सदाकत आश्रम के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है। सूचना के मुताबिक हंगामे के मद्देनजर आश्रम के अंदर मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है।

मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी नेताओं के बीच मचे महाभारत में गेट से सिर्फ कादरी गुट के नेताओं को अंदर जाने की ही इजाजत दी गई, चौधरी गुट के नेताओं को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद जमकर बवाल मचा और कई नेता अापस में भिड़ गए। 

बता दें कि महागठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस अपने अंदरूनी कलह से जूझ रही है। इस बीच कौकब कादरी के प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद रोजाना कोई न कोई बयानबाजी हो रही है। एक ओर अशोक चौधरी अपने अभियान में लगे हुए हैं तो वहीं कार्यकारी अध्यक्ष से ज्यादातर विधायक नाराज चल रहे हैं।

पार्टी में अशोक चौधरी के गुट वाले विधायक कोई बयान भले न दें, लेकिन अंदर ही अंदर कादरी से पूरी तरह अलग चल रहे हैं। उधर, कादरी का कहना है कि पार्टी के भीतर किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं है। 

इससे पूर्व, पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह, विधायक भावना झा, पूर्व एमएलसी ज्योति और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेमचंद मिश्र की उपस्थिति में रविवार को मीडिया से बातचीत में कादरी  ने कहा कि हमारे यहां चल रही संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और पार्टी के निर्वाचन अधिकारी प्रदीप भट्टाचार्य, सभी वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक, विधान पार्षद, जिला अध्यक्ष और चुने हुए प्रतिनिधि कल आयोजित होने वाले राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे।

पार्टी के प्रतिनिधियों के चुनाव को लेकर विरोधाभास होने के बारे में पूछे जाने पर कादरी ने कहीं भी किसी भी स्तर पर विरोधाभास होने से इंकार करते हुए कहा कि जिला अध्यक्षों से उनकी बात हुई है, जिन्होंने काम किया है वे आगे भी काम करेंगे और जहां बदलाव की जरुरत होगी वहां बदले जाएंगे। लेकिन अभी यथास्थिति बनी रहेगी।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी के साथ विरोधाभास और उनकी टीम में शामिल रहे लोगों की आज के प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अनुपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर कादरी ने कहा कि उनसे हमारा कोई विरोधाभास नहीं है और उन्हें कल की बैठक को लेकर सूचित भी किया गया है तथा उसमें उन्हें शामिल होना चाहिए।

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन छोडकर भाजपा के साथ राजग सरकार का गठन करने के बाद से कांग्रेस के एक गुट के टूटकर जदयू में शामिल होने की चर्चाओं के बीच पार्टी आलाकमान ने तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष अशोक चौधरी को हटाकर कादरी को पार्टी की प्रदेश इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।

कादरी ने कहा कि पार्टी से ऊपर कोई नेता और व्यक्ति नहीं है। आलाकमान के ऊपर कोई भी नेता अगर टीका टिप्पणी करेगा, पार्टी में गतिरोध और दल को कमजोर करने की कोशिश करेगा तो चाहे वह कितना भी बडा नेता हो, वह उनपर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे।

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