Thursday, April 25, 2024
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GST: मोदी सरकार के खजाने में भारी चोट, देश को पहुँच रहा आर्थिक नुकसान , 50 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ लेगी सरकार

अमरोहा: जीएसटी लागू होने के बाद लगातार गिर रहा रेवेन्यू सरकार के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। 2017-18 में राजकोषीय घाटा टारगेट को पार कर सकता है। इसे देखते हुए सरकार चालू वित्त वर्ष 2017-18 में 50 हजार करोड़ रुपये उधार लेगी। जनवरी से मार्च के बीच यह अतिरिक्त उधार लिया जाएगा, जिससे देश का राजकोषीय घाटा और बढ़ जाएगा। बुधवार को सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि जनवरी से मार्च के बीच गवर्नमेंट सिक्यॉरिटीज से 50 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त उधार लिया जाएगा।

 वित्त मंत्रालय ने बताया कि अगले वित्त वर्ष के उधारों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और वह बजट 2017-18 के मुताबिक ही होगा। रिजर्व बैंक के साथ उधार कार्यक्रम रिव्यू करने के बाद यह तय किया गया है कि सरकार वित्त वर्ष 2017-18 में अतिरिक्त उधार लेगी जो डेटेड गवर्नमेंट सिक्यॉरिटीज से लिया जाएगा।

 इसके अलावा मार्च 2018 तक ट्रेजरी बिल्स को अभी के 86,203 करोड़ रुपये से घटाकर 25,006 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाएगा। ट्रेजरी या टी-बिल्स वह सिक्यॉरिटीज होती हैं, जिनकी मैच्यॉरिटी एक साल से भी कम होती है। वहीं दूसरी तरफ डेटेड सिक्यॉरिटीज की मैच्यॉरिटी 5 साल से ज्यादा होती है।

 जीएसटी कलेक्शन में गिरावट
 नवंबर में जीएसटी कलेक्शन लगातार दूसरे माह गिरकर 80,808 करोड़ रुपये रह गया। अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 83 हजार रुपये था और 53,06 लाख रिटर्न फाइल किए गए थे। रेवन्यू में आ रही लगातार गिरावट सरकार के खजाने में भारी चोट पहुंचा रही है और राजकोषीय घाटे पर भी उसका बोझ पड़ रहा है।

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