Tuesday, May 28, 2024
No menu items!
Homeदेशविशेष: आइये जानते हैं महान वैज्ञानिक मुसलमानों के छठे इमाम जाफर सादिक...

विशेष: आइये जानते हैं महान वैज्ञानिक मुसलमानों के छठे इमाम जाफर सादिक ( अ.) के बारे में

आज हम बात करते हैं एक ऐसे वैज्ञानिक, चिन्तक, फ़िलास्फ़र व सूफ़ी की जो आधुनिक केमिस्ट्री के पिता जाबिर इब्ने हय्यान (गेबर) के उस्ताद थे । जो अरबिक विज्ञान के स्वर्ण युग के आरंभकर्ता थे । जिसने विज्ञान की बहुत सी शाखाओं की बुनियाद रखी । जिसने सुफ़िज़्म को एक आयाम दिया ।

 

जी हाँ बात हो रही इमाम जाफ़र अल सादिक़ (अ.) की जो हज़रत अली (अ.) की चौथी पीढी में थे. उनके पिता इमाम मोहम्मद बाक़र (अ.) (इमाम हुसैन (अ.) के पोता) स्वयं एक वैज्ञानिक थे और मदीने में अपना यूनिवर्सिटी  चलाते थे. अपने पिता की शहादत के बाद इमाम जाफ़र अल सादिक़ (अ.) ने यह कार्य संभाला और अपने शिष्यों को कुछ ऐसी बातें बताईं जो इससे पहले अन्य किसी ने नहीं बताई थीं.

इमाम अली अ.स. की ज़िंदगी

उन्होंने अरस्तू की चार मूल तत्वों की थ्योरी से इनकार किया और कहा कि मुझे आश्चर्य है कि अरस्तू ने कहा कि विश्व में केवल चार तत्व हैं, मिटटी, पानी, आग और हवा. मिटटी स्वयं तत्व नहीं है बल्कि इसमें बहुत सारे तत्व हैं. इसी तरह जाफ़र अल सादिक़ ने पानी, आग और हवा को भी तत्व नहीं माना. हवा को भी तत्वों का मिश्रण माना और बताया कि इनमें से हर तत्व सांस के लिए ज़रूरी है. 

आप जानना चाहते हैं कौन है फादर ऑफ़ कैमिस्ट्री, और उनके टीचर इमाम सादिक अ.स.?

मेडिकल साइंस में इमाम सादिक़ (अ.) ने बताया कि मिटटी में पाए जाने वाले सभी तत्व मानव शरीर में भी होते हैं. इनमें चार तत्व अधिक मात्रा में, आठ कम मात्रा में और आठ अन्य सूक्ष्म मात्रा में होते हैं. आधुनिक मेडिकल साइंस इसकी पुष्टि करती है.

क्या आप जानते है? इमाम एवं खलीफा और दुनया के सबसे बड़े पहलवान ही नहीं फ़ादर ऑफ़ साइंटिस्ट भी है अली

उन्‍होंने  बताया, “जो पत्थर तुम सामने गतिहीन देख रहे हो, उसके अन्दर बहुत तेज़ गतियाँ हो रही हैं.” उसके बाद कहा, “यह पत्थर बहुत पहले द्रव अवस्था में था. आज भी अगर इस पत्थर को बहुत अधिक गर्म किया जाए तो यह द्रव अवस्था में आ जायेगा.”

शियों के 12 वे इमाम, हज़रत महदी अलैहिस्सलाम के विषय पर सुन्नी और शियों का एक अक़ीदा V.o.H News

ऑप्टिक्स (Optics) का बुनियादी सिद्धांत ‘प्रकाश जब किसी वस्तु से परिवर्तित होकर आँख तक पहुँचता है तो वह वस्तु दिखाई देती है.’ इमाम सादिक (अ.) का ही बताया हुआ है. 

क्या पूरी दुनया पर होगी मुसलमानों की हुकूमत? कौन है जो पूरी दुनया पर इस्लामी कानून लागु करेगा?  कैसी होगी इमाम मेहदी (अ) की अदालत और इन्साफ़? पढ़िए इस्लाम धर्म की मान्यताएँ… V.o.H News

एक बार उन्होंने अपने लेक्चर में बताया कि शक्तिशाली प्रकाश भारी वस्तुओं को भी हिला सकता है. लेजर किरणों के आविष्कार के बाद इस कथन की पुष्टि हुई. 

 

इनका एक अन्य चमत्कारिक सिद्धांत है की हर पदार्थ का एक विपरीत पदार्थ भी ब्रह्माण्ड में मौजूद है. यह आज के मैटर-एंटी मैटर थ्योरी की झलक थी. 

 

एक थ्योरी में इमाम (अ.) ने बताई कि पृथ्वी अपने अक्ष के परितः चक्कर लगाती है. जिसकी पुष्टि बीसवीं शताब्दी में हो पाई, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ब्रह्माण्ड में कुछ भी स्थिर नहीं है. सब कुछ गतिमान है.

 

ब्रह्माण्ड के बारे में एक रोचक थ्योरी उन्होंने बताई कि ब्रह्माण्ड हमेशा एक जैसी अवस्था में नहीं होता. एक समयांतराल में यह फैलता है और दूसरे समयांतराल में यह सिकुड़ता है.

 

इनके प्रमुख शिष्यों में Father of Chemistry जाबिर इब्ने हय्यान , इमाम अबू हनीफ़ा (हनफ़ी शाखा के प्रवर्त्तक) , मालिक इब्न अनस (मालिकी शाखा के प्रवर्त्तक), महान सुफ़ी ख़्वाजा बायज़ीद बुस्तामी वग़ैरह प्रमुख हैं.

 

यह विडंबना रही कि दुनिया ने इमाम जाफ़र अल सादिक़ (अ.) की खोजों को हमेशा दबाने की कोशिश की । इसके पीछे उस दौर के अरबी शासकों का काफ़ी हाथ रहा जो अपनी ईर्ष्यालू प्रवृति एवं इमाम (अ.) की लोकप्रियता के कारण से उन्हें हमेशा अपना सिंहासन डोलता हुआ महसूस होता था. 

 

इन्हीं सब वजहों से अरबी शासक ने 765 में इन्हें ज़हर देकर शहीद कर दिया और दुनिया को अपने फ़िक़्ह (islamic jurisprudence), फ़लसफ़ा (Philosophy), इल्म ए कलाम (Theology), इल्म ए रियाज़ी (Mathematics), इल्म ए हा’यत व फलक(Astronomy), इल्म ए तशरीह (Anatomy), इल्म ए कीमिया (Alchemy)…वग़ैरह दूसरे इल्म से रोशन करने वाला यह सितारा हमेशा के लिए ज़मीन से दूर हो गया ।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments