Saturday, April 13, 2024
No menu items!
Homeदेशखाप पंचायतों को शादियां रोकने का अधिकार नहीं- सुप्रीम कोर्ट 

खाप पंचायतों को शादियां रोकने का अधिकार नहीं- सुप्रीम कोर्ट 

V.o.H News: शहजाद आब्दी: आए दिन पंचायतों द्वारा प्रेम विवाह करने वाले या भागकर शादी करने वाले जोड़ों को तुगलकी फरमान सुनाए जाने के मामले सामने आते रहते हैं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायत को फटकार लगाते हुए उनके लिए सीमारेखा खींच दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि खाप पंचायत को न तो शादी को गैर-कानूनी ठहराना का हक है और न ही वे किसी बालिग की शादी में रुकावट पैदा कर सकते हैं। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने खाप पंचायत के मामले में एक सुनवाई के दौरान यह निर्देश जारी किया।

 

गैर सरकारी संगठन शक्ति वाहिनी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में खाप पंचायत के खिलाफ याचिका दायर कर राज्य और केंद्र सरकार को ऑनर किलिंग को लेकर दिशा-निर्देश जारी करने के लिए कहा गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि किसी भी एसेम्बली का दो वयस्कों की शादी को रोकना और खत्म करना गैरकानूनी है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व में तीन जजों की बेंच ने यह फैसला लिया जिसमें जस्टिस एएम खानविल्कर और डीवाई चंद्रचूड़ भी शामिल थे। बेंच ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर जब तक कोई कानून नहीं बन जाता तब तक ऐसे गैरकानूनी तत्वों से निपटने के लिए दंडात्मक उपायों को लागू करना होगा।

वहीं इस सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को सूचित किया कि इन मुद्दों से निपटने के लिए जल्द ही संसद में बिल लाया जाएगा। बता दें कि देश में कई ऑनर किलिंग के मामले सामने आए हैं। साल 2016 में तमिलनाडू में एक अलग जाति के लड़के से शादी करने के कारण लड़की के परिजनों ने बेटी के सामने उसके पति की हत्या करवा दी थी। वहीं बिहार में प्रेम विवाह करने पर पंचायत ने लड़की से थूंक चटवाया था तो वहीं लड़के से ऊठक-बैठक लगवाए थे। इसी तरह के कई मामले सामने आए हैं जहां पर पंचायत द्वारा तुगलकी फरमान सुनाते हुए शादीशुदा जोड़ों को प्रताड़ित किया गया है।

 

 

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments