Tuesday, July 16, 2024
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7वें इमाम मूसा काज़िम अस की शहादत पर हुसैनिया हाल में हुई मजलिस

दिल्ली के आदर्श नगर मूल चंद कॉलोनी में हुई जुमे की नमाज़ और मजलिस ए अज़ा

 

 इमाम मूसा काज़िम अस की शहादत पर हुई मजलिस

 

 

मजलिस को खिताब किया मुजाहिद ए मिल्लत सय्यद फसी हैदर साहब ने

 

हुसैनिया हाल आदर्श नगर में हुई मजलिस

 

 

अली अब्बास नकवी – दिल्ली 25 रजब को 7वें इमाम मूसा काज़िम अस की शहादत का दिन है और इसी दिन जुमा भी था। दिल्ली के आदर्श नगर मूल चंद कॉलोनी में मौलाना मज़हर हसन नक़वी ने हुसैनिया हाल में जुमे की नमाज़ अदा कराई जिसके बाद मुज़फ्फरनगर से आये मशहूर और मारूफ मौलाना सय्यद फसी हैदर साहब, जोनल इंचार्ज, शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने 7वें इमाम मूसा काज़िम अस की मजलिस ए अज़ा को खिताब किया।

 

मौलाना फसी हैदर साहब ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम ने फरमाया इंसान की जो ज़बान है वोही अमल हो। किस तरह से उस ववत के हुक्मरान इमाम को क़ैद में भी परेशान करना चाह रहे थे जिसने कैद में एक औरत को भी भेज कर झूठे इल्ज़ाम लगवाना चाह रहे थे लेकिन इमाम काज़िम अस की इबादत देखकर वो औरत बदल गयी और हुक्मरान की बातों में न आकर मासूम अस की फ़ज़ीलत देखकर उनकी राह में आ गयी। 

जिसमे उन्होंने बताया कि आज कल जहां लड़के सोशल मीडिया में लड़कियों की फेक आईडी बनाकर बातें करते हैं। वहीं हमारे मासूम अस ने ये उस वक़्त ही बता दिया था कि  अपनी राह बस अल्लाह की राह में रखो तो शैतान आपको नही बहका पायेगा।

 

वहीं मजलिस में शहादत को याद करते हुए कहा कि तवील मुद्दत तक इमाम मूसा काज़िम अस को कैद में रखा गया और जब भी उन्हें चैन न मिला तो उन्हें ज़ेहर देकर शहीद करदिया। और यही सितम खत्म नही हुआ उनके जनाज़े को बगदाद के पुल पर भी रख दिया गया।

 

हालांकि मासूम अस की एक मिराज ही है कि सभी को शहादत ही मिली। इमाम हुसैन अस ने जहां अपने 72 साथियों के साथ कर्बला में शहादत पाई वहीं हज़रत अली अस को 19 रमज़ान की फजर की नमाज़ के वक़्त तलवार से ज़र्ब लगाई थी, साथ ही इमाम हसन अस को भी ज़ेहर देकर शहीद किया गया और इसी तरह 11वें इमाम हसन अस्करी अस तक सब की शहादत हुई।

 

आपको बता दें हुसैनिया वेलफेयर सोसायटी रजि मूल चंद कॉलोनी आदर्श नगर की कमेटी ने हाल ही में एक तकरीबन 25 गज़ का प्लाट लिया है जिसमें नमाज़, मदरसा, समेत मजलिस महफ़िल होती है।

उस हाल को हुसैनिया हाल का नाम दिया गया है। जिसको मौलाना मज़हर हसन नक़वी साहब अपनी खिदमत दे रहे हैं और पांचों वक़्त की नमाज़ के साथ साथ जुमे,और मख़सूसी आमाल भी अवाम को करवाते हैं। वहीं अभी कमेटी साथ वाला प्लाट भी खरीदना चाह रहे हैं क्योंकि 25 ग़ज़ के प्लाट में नमाज़ी नही आ पाते हैं। जिसके लिये कमेटी ने दूसरे प्लाट का बयाना देदिया है। लेकिन वहां की अवाम के हालात इतने अच्छे नही है जिसकी वजह से ये सभी लोग दर दर जाकर इस दर्सगह को बनाना चाह रहे हैं। वहीं अब कमेटी अपनी हर कोशिश कर रही है कि इस दर्सगाह को आगे बढ़ाया जाए जिससे आने वाली पीढ़ी को भी इल्म मिल सके। और इसी 14 मासूमीन अस के सदके में वो मजलिस, जुमे की नमाज़ और मदरसा चलवा रहे हैं। जिससे इंसानियत का परचम लहरा सके।

वहीं मजलिस में कमेटी के अध्यक्ष आग़ा मुराद, आग़ा जानी, गुल हसन, कमाल, सरताज हुसैन, बब्बन, भूरा,मंसूर, कमरू,असलम समेत कई आज़ाद पुर, प्रताप बाग, जहांगीर पूरी के आस पास के मोमिन ने शिरकत की थी।

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