Thursday, April 25, 2024
No menu items!
Homeदेशलखनऊ के अज़ादारों को मिला तोहफ़ा, 7 इमामबाड़े में हो सकेगी मजलिस

लखनऊ के अज़ादारों को मिला तोहफ़ा, 7 इमामबाड़े में हो सकेगी मजलिस

लखनऊ : मुहर्रम और अज़ादारी की मुख्य मजलिसों पर लगी रोक को सरकार ने ख़त्म कर दिया है और इमामबाड़ों मे मजलिस की अनुमति प्रदान कर दी है।

ताज़िया रखने और हदिया करने की भी अनुमति मिल गई है। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के जुलूस की कोई अनुमति नहीं है।

मुख्य मार्गों पर सबीले नहीं लगेंगी इमामबाड़ो और महुल्लो आदि जगहों पर कोविड 19 गाइडलाइन के अंतर्गत केवल सूखा तबर्रुक ही बाटा जा सकता है l पानी ड्रम मे भरकर नहीं बाटा जा सकता केवल सील बंद बोतल बटेगी।घरों मे सोशल डिसटेंसिंग का ख़याल रखते केवल परिवार वालों के बीच पूर्व की भांति अज़ादारी हो सकेगी।

कोविड19 के सभी दिशा निर्देशों का अनुपालन और सैनिटाइज़ेशन अनिवार्य है।पूरे प्रदेश मे यही गाइडलाइन मानते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग मुहर्रम मना सकेंगे।लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने  7 इमामबाड़ों में मजलिस करने की इजाज़त दी है।जिसके बाद आज दस बजे दिन मे पहली मोहर्रम की मजलिस को मौलाना कल्बे जवाद ने ख़िताब किया ये पहला मौका था जब कोरोना की वजह से इमाम बड़े मे सिर्फ पांच व्यक्ति मजलिस सुनने वाले थे।

मौलाना कल्बे जवाद ने अपने साथी रज़ा हुसैन समेत पांच दूसरे मौलवी हज़रात के हमराह इमाम बड़े पहुंचे और मजलिस को ख़िताब किया।बता दे इन साथ इमामबाड़ों में  हज़रतगंज का मक़बरा सआदत अली खां भी शामिल है। इस के अलावा इमाम बड़ा आगा बाक़र, शिया कॉलेज नक्खास,इमाम बड़ा अफ़ज़ल महल,इमाम बड़ा नाज़िम साहब और मदरसा नज़्मीया शामिल है। 

शिया धर्म गुरु कल्बे जवाद ने कल लखनऊ पुलिस कमिश्नर से मुलाक़ात कर के ज्ञापन सौंपा था। बताते चले की कल लखनऊ पुलिस ने को जुलूसों के लिए गाइड लाइन जारी की है वह मौलाना और शिया  को क़ुबूल नहीं थी।मौलाना ने अपने ज्ञापन मे लिखा हैकी डब्लू एचओ व एमएचए भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन से भी नीचे जाकर मुहर्रम के लिए विशेष गाइड लाइन क्यों जारी की जा रही है।इस लिए इस विशेष गाइड लाइन को फ़ौरन वापस लिया जाये मौलाना ने कहा की जो नोटिस प्रशासन द्वारा जारी किया गया है वह पूरी तरह असंवैधानिक और ग़ैर कानूनी है , लोगो को भर्मित करने वाली भी है।उसके बाद से प्रशासन ने ये फैसला किया है।

वही इस इजाज़त के बाद से ही अज़ादारों में सुकून देखा गया, मोहर्रम से हर एक शिया का खास लगाव है ,वही अब शिया धर्म के लोग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपने घरों में मजलिस कर सकेंगे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments