Saturday, April 13, 2024
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मच्छर मचा रहे आतंक, नगर पंचायत नींद में,  फॉगिंग मशीने पड़ी हैं ख़राब सभासदों की भी नहीं सुनता कोई….

V.o.H News: शहजाद आब्दी: नौगावां सादात –  जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है मच्छरों के झुंड मुश्किल पैदा करने लगे हैं। नौगावां सादात में बड़ी संख्या में लोग बुखार से परेशान हैं। डॉक्टर अधिकांश लोगो को मलेरिया की आशंका के चलते जांच करा रहे हैं। इसके अलावा नौगावां के प्राइवेट अस्पतालों में 10 बुखार के मरीज भर्ती हैं। डॉक्टर भी ऐसी आशंका जाता रहे हैं कि हालात आगे और भी खराब होंगे। बावजूद इसके नगर पंचायत सो रहा है और मच्छरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। नगर पंचायत की फॉगिंग मशीने ख़राब पड़ी हैं कई सभासद का कहना है कि कई बार नगर में  फॉगिंग कराये जाने की मांग कर चुके हैं लेकिन अधिशासी अधिकारी व अध्यक्ष उनकी नहीं सुनते हैं।

 

एनाफिलीज मच्छरों की बढ़ रही तादाद

लैब टेकनिशियन शोबी रज़ा का कहना है कि मच्छरों की बढ़ती फौज में क्यूरेक्स के अलावा एनाफिलीज मच्छर सबसे ज्यादा खतरनाक हैं। क्यूरेक्स फाइलेरिया तो एनाफिलीज मच्छर मलेरिया का कारण होता है। ख्रास बात है कि रात की ठंड के मौसम में ये दोनों मच्छर तेजी से पनपते हैं।

 

जलभराव ने बढ़ा दी लोगों की मुश्किल

मच्छरों की बढ़ती तादाद का एक मुख्य कारण कस्बे में यहां-वहां होने वाला जलभराव और चोक व खुली नालियां भी हैं। बहते पानी में मच्छर अंडे नहीं दे सकते हैं। ठहरे दूषित पानी में मच्छरों के लार्वा तेजी से पनप रहे हैं। नगर पंचायत की ओर से नाले-नालियों की सफाई के लिए अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो सके हैं।

 

कैसे पहचानें मलेरिया है या नहीं

डॉक्टर समर रज़ा का कहना है कि मलेरिया प्लाज्मोडियम नामक परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से शरीर में आता है। मलेरिया पीड़ित को सर्दी और सिरदर्द के साथ बार-बार बुखार आता है। कभी बुखार कम हो जाता है तो कभी दोबारा आ जाता है। गंभीर मामलों में रोगी कोमा में चला जाता है। कई बार मौत तक हो जाती है। कैसे करें बचाव

मच्छरों को पनपने से रोकें। मलेरिया के मच्छर रात में सक्रिय होते हैं, इस समय विशेष सावधान रहें। मच्छरदानी का उपयोग करें और हो सके तो मच्छरदानी पर कीट रिपेलेंट परमेथ्रीन भी लगाएं। फुल कपड़े पहनें, पहनने वाले कपड़ों पर भी परमेथ्रीन लगाएं।

 

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