Thursday, April 25, 2024
No menu items!
Homeउत्तर प्रदेशनौगावां सादात में मुहर्रम जुलुस के समापन पर तबर्रुक के रूप में...

नौगावां सादात में मुहर्रम जुलुस के समापन पर तबर्रुक के रूप में रोज़ाना बटती है 80 कुंतल आटे की रोटी

नौगावां सादात:  नौगावां में अज़ादारी का इतिहास सेकड़ों साल पुराना है. हर साल मुहोर्रम आने पर नौगावां वासी  जहाँ भी रह रहे हों अपने अपने घर को वापस आ जाते हैं. और बड़ी अकीदत के साथ इमाम हुसैन का गम मानाने में जुट जाते हैं. घर घर मजलिसे होती हैं. जगह जगह पानी और शरबत की सबीले लगायी जाती हैं.

लोग सुबह से देर रात तक इमाम हुसैन का गम मानाने में लगे रहते हैं. इमाम हुसैन  के गम के अलावा लोगो को कोई और काम करने की फुर्सत नहीं होती. यह बात सिर्फ आजकी नहीं है सेकड़ों सालों से इस बस्ती का यही माहोल  रहा है.  ज्यादा से ज्यादा टाइम अज़ादारी को दे सकें इसी लिए लोगो ने  आज से लगभग 150 साल पहले,  रोटी को घर ना बनाने का फैसला लिया था. यह तय पाया था की ऐसा सिलसिला बनाया जाये जिससे मुहर्रम में लोगो को घर पर रोटी ना बनानी पड़े और ज्यादा से ज्यादा समय अज़ादारी में दे सकें. इसी लिए तबर्रुक के रूप में रोटी बाटना शुरू किया गया. शुरुआत में तो सभी लोग अपने अपने घरों से गेहूं लेकर अज़ाखाना पुख्ता बंगला पहुचते थे, जहाँ अनाज को जमा किया जाता था. उसके बाद सभी अनाज को पिसवाकर रोटियां बनवाई जाती थीं. जिन्हें जुलुस के समापन पर तबर्रुक के रूप में बाट दिया जाता था. बनायीं गयी रोटियों की संख्या शुरुआती समय में तो बहुत कम थी. उस समय तो लगभग एक कुंतल आटे में काम हो जाता था. इमाम हुसैन का नाम इस रोटी से जुड़ने पर इस रोटी ने ये असर दिखाया की अगर कोई मरीज़ इस रोटी को खाता तो उसकी बीमारी दूर होने लगती . लोग इस रोटी को सुखाकर अपने घरों में रखने लगे और वक्त पड़ने पर अपने मरोजों को खिलाने लगे. इमाम हुसैन से मोहब्बत के कारण एवं इस रोटी की शिफा को देखते हुए दूर दूर से लोग मुहर्रम में नौगावां आने लगे. लोगो के आने की संख्या लाखों में पहुच गयी.  यह संख्या लगातार बढ़ रही है. जिसको देखते हुए क़स्बा वासियों ने उसी लिहाज़ से इन्तेजाम शुरू कर दिए. आज के समय में रोटियों के लिए  लगभग 80 कुंतल आटा खर्च होता है. जिसका इन्तेजाम एक मुहर्रम से दस मुहर्रम तक बस्ती के लोग  करते हैं.

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments