Thursday, April 25, 2024
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कठूआ रेप कांड से जागी सरकार, बनाया सज़ा ए मौत का कानून

रुहुल्लाह आब्दी -(Edited by- अली अब्बास नकवी)- कठुआ में हुए 8 साल की बच्ची आसिफा की मौत के बाद जहां देश भर में आसिफा के इंसाफ के लिए आवाज़ उठ गई, देश भर में कैंडल मार्च निकाले गए, दिल्ली महिला आयोग की चैयरमेन स्वाति मालिवाल जहां अभी तक उपवास पर रही वहीं ये सब देखते हुए भारत सरकार भी जाग उठी है..महिलाओं और बच्चियों से रेप की वारदात को रोकने और दोषियों को कड़ी सजा देने के मकसद से केंद्रीय कैबिनेट ने क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस-2018 को मंजूरी दे दी है. इसके तहत 12 साल से कम उम्र की मासूमों से रेप के दोषियों को मौत की सजा का प्रावधान किया गया है. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया.

और उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, जिसके बाद सरकार ने नाबालिग बच्चियों से रेप करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने का फैसला लिया है. इससे पहले महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था कि वो कठुआ और हाल में हुई दूसरी बलात्कार की घटनाओं से बहुत दुखी हैं और उनका मंत्रालय बहुत जल्द ही कानून में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने पेश करेगा, ताकि रेप के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके.

 

हाल ही में बच्चियों के साथ हुईं रेप की घटनाओं को मोदी सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया और कैबिनेट ने रेप के आरोपियों को कड़ी सजा देने के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी. इसमें 12 साल की कम उम्र की बच्ची से रेप के दोषी को मौत की सजा और 12 साल से  अधिक और 16 साल से कम उम्र की लड़कियों से रेप पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा ऐसे मामलों की जल्द से जल्द सुनवाई करने का भी प्रावधान किया गया.

 

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), साक्ष्य कानून, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (पोक्सो) में संशोधन का प्रावधान है.

 

 

कानून में इन बदलावों को दी गई मंजूरी

 

1- महिलाओं के साथ बलात्कार की सात साल की सजा को बढ़ाकर 10 साल तक की कठोर कारावास की सजा का प्रावधान किया गया. इसको आजीवन कारावास तक भी बढ़ाया जा सकता है.

 

2- 12 साल से अधिक और 16 साल की लड़कियों से रेप के मामले में सजा को 10 साल से बढ़ाकर 20 साल किया गया है. इसको आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है यानी दोषी को अपनी पूरी जिंदगी जेल में ही गुजारनी होगी.

   

3- 12 साल की कम उम्र की बच्ची से गैंगरेप के दोषी को आजीवन कारावास या फिर मौत की सजा दी जाएगी.

 

रेप मामलों की जांच और ट्रायल तेज

 

रेप के मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी.

 

रेप के मामलों के ट्रायल को दो महीने में पूरा किया जाएगा.

 

रेप के मामले में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील की समय सीमा छह महीने होगी.

 

अग्रिम जमानत पर रोक

 

–  12 साल से अधिक और 16 साल से कम उम्र की लड़की से रेप या गैंगरेप के मामले में आरोपियों को अग्रिम जमानत देने का कोई प्रावधान नहीं होगा.

 

अदालत 12 साल से अधिक और 16 साल से कम उम्र की लड़की से रेप के मामले में जमानत पर फैसला लेने से 15 दिन पहले लोक अभियोजक और पीड़िता के रिप्रेजेंटेटिव को नोटिस देगा.

 

इसके अलावा राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और हाईकोर्ट से सलाह-मशविरा करके नए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. इसके अलावा लोक अभियोजकों की संख्या बढ़ाई जाएगी. सभी पुलिस स्टेशन और हॉस्पिटल में रेप मामले की जांच के लिए स्पेशल फॉरेंसिक किट उपलब्ध कराई जाएगी.

 वहीं आपको बता दें कि आसिफा के मामले में हिदू मुस्लिम की राजनीति भी सर चढ़कर बोली..बहुत अफसोस की बात है 8 साल की बच्ची के साथ इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना घटित होती है मासूम बच्ची के बाप का कहना है कि आसिफा को दाएं-बाएं का भी पता नहीं था हिंदू मुस्लिम तो दूर की बात। अभी नहीं तो कभी नहीं हमें यह समझ लेना चाहिए कि  यह लड़ाई किसी धर्म की नहीं है बल्कि इंसानियत की लड़ाई है हर इंसानियत रखने वाला इंसान इस दरिंदगी  पर खामोश नहीं बैठेगा। सभी को जातिवाद की राजनीति का चोला उतार कर मैदान में आना होगा।  एक बाप अपनी बेटी, एक पति अपनी पत्नी, एक भाई अपनी बहन की सुरक्षा के लिए खड़ा हो। ताकि आने वाले समय में ऐसी बुरी घटना किसी की बहन पत्नी या मां के साथ घटित ना हो।  क्योंकि मौत का फरिश्ता और दुर्घटना कभी किसी को बताकर नहीं आती। 

 भारत सरकार ने जिस तरह से ये कड़ा कदम उठाया है इससे ज़रुर दरिंदो को सबक मिलेगा.. और हवस की आग रखने वालों को जेल की सलाखों में जीवन गुज़ारना होगा.. अगर आज आप किसी  लिए खड़े हैं तो कल कोई आपके लिए खड़ा होगा। डॉ  राहत इंदौरी की पंक्तियों इस वक्त याद आती है..

 लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में 

यहां पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है।

यहां पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है।

 

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