Thursday, April 25, 2024
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यूपी के बाद अब दिल्ली सरकार ने भी मोहर्रम पर लगाई रोक, ताज़िया निकालने की भी इजाज़त नहीं

 

 

केंद्र सरकार की गाइडलाइन के तहत दिल्ली में मोहर्रम के दौरान जूलूस निकालने पर लगी रोक

 

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने दिल्ली के सभी संबंधित अधिकारियों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश जारी किए

 

दिल्ली में कोविड-19 महामारी के फैलने के खतरे के मद्देनजर सभी लोगों से पर्व को घर पर ही मनाने की अपील

 

जो सरकार का हो हुकुम, उसे करें फॉलो- आयतुल्लाह

अली अब्बास नक़वी – हाल ही में यूपी सरकार की तरफ से मोहर्रम के जूलूस आदि के लिए एडवाइज़री आई थी जिसमें कहा गया था कि कोरोना को देखते हुए मोहर्रम में ताज़िया नहीं निकाला जाएगा, वहीं अब दिल्ली सरकार ने भी अपनी एडवाइज़री जारी कर दी है जिसमें मोहर्रम के जूलूस के साथ साथ गणेश चतुर्थी के लिए भी इजाज़त नहीं दी गई है..  दिल्ली सरकार का कहना है कि कोविड-19 के मद्देनजर केंद्र सरकार से जारी निर्देशों और गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए ये कदम उठाया गया है.. 

 

इस बार दिल्ली में मोहर्रम के दौरान जूलूस/ताजिया निकालने पर पाबंदी रहेगी.. दिल्ली सरकार के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के तहत गणेश चतुर्थी पर्व पर भी श्री गणेश की सार्वजनिक मूर्ति स्थापना या पंडाल बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.. डीडीएमए की तरफ से कोविड-19 के संक्रमण के खतरे के मद्देनजर लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करते हुए इन पर्वों को अपने घर पर ही मनाने की अपील की गई है.. साथ ही डीडीएमए ने सभी संबंधित विभागों को केंद्र सरकार से जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है.. 

 

आखिर क्यों नहीं मिली इजाज़त

 दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक, डीडीएमए दिल्ली में कोविड-19 महामारी के फैलने के खतरे से वाकिफ है.. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले से ही कोविड-19 को महामारी घोषित किया हुआ है.. लिहाजा, दिल्ली सरकार कोविड-19 के फैलने से रोकने के लिए सभी प्रभावी उपाय कर रही है.. कोविड-19 को फैलने से रोकने के मद्देनजर डीडीएमए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को समय-समय पर विभिन्न दिशा-निर्देश जारी करती रही है. डीडीएमए ने आगामी त्योहारों के दौरान आयोजित होने वाले समारोहों और कार्यक्रमों के मद्देनजर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला मजिस्ट्रेट को भी कोविड-19 महामारी के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे, ताकि समारोहों या कार्यक्रमों में अधिक भीड़ एकत्र न हो सके और कोविड-19 को फैलने से रोका जा सके 

 

क्या- क्या जारी हुए है दिशा निर्देश

 राज्य कार्यकारिणी समिति, डीडीएमए ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा-22 के तहत सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड अधिकारियों को निम्न लिखित दिशा-निर्देश जारी किए है-

 

1) भारत सरकार/दिल्ली सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सभी दिशा-निर्देश कोविड-19 के फैलने से रोकने के लिए कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। 

2) गणेश चतुर्थी महोत्सव के दौरान, श्री गणेश की कोई मूर्ति टेंट/पांडा/सार्वजनिक स्थान पर स्थापित नहीं की जाएगी, और न ही जुलूस के लिए किसी भी प्रकार की अनुमति दी जाएगी.. कोविड-19 महामारी के इस समय में लोगों को उनके घर पर ही त्योहार मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा

3) इसी तरह, मोहर्रम समारोह के दौरान जुलूस/ताजिया के लिए कोई अनुमति नहीं दी जाएगी और जनता को अपने घरों में और सार्वजनिक स्थानों पर कोविड-19 महामारी के समय पर इसे मनाने के लिए प्रोत्साहित/सलाह दी जाएगी

4) जिला मजिस्ट्रेट और जिला डीसीपी हर ऐसे त्यौहार व अवसरों से पहले धार्मिक/सामुदायिक नेताओं के साथ बैठकें आयोजित करेंगे, जिनमें बड़ी सभा/मण्डली की संभावना है, ताकि कानून-व्यवस्था और सौहार्द बनाए रखने के लिए उनका सहयोग मिल सके और जनता के लिए भी संवेदनशील हो सके। सरकार द्वारा कोविड-19 से लड़ने के लिए समय-समय पर गाइड लाइन/निर्देशों जारी किए गए हैं। 

5) पर्याप्त पुलिस बल सभी सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में और दिल्ली के एनसीटी में सम्मिलत क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।

6) यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भीड़ किसी भी तरह से किसी भी धार्मिक/सामाजिक स्थान पर इकट्ठा न हो।

7) दिल्ली में सभी सार्वजनिक स्थानों, बस स्टेंड, रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील/धार्मिक स्थानों पर त्योहारों के दौरान जांच के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं।

8) आवश्यकता के अनुसार धार्मिक/ सार्वजनिक स्थानों पर सघन तलाशी और जांच के लिए डॉग स्क्वॉड, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड और बम निरोधक टीमों की तैनाती के लिए उचित व्यवस्था की गई है।

9) सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर निर्बाध और निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जाए। जरूरी बैरिकेड और पुलिस चेक पोस्ट को खड़ा करके संदिग्ध वाहनों की जांच के लिए व्यवस्था की जाएगी।

10) त्योहार के समय मोटर वाहन अधिनियम का सख्त अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

11) बिजली, पानी और स्वच्छता, हाइजेनिक और सैनिटाइजेशन आदि जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधाएं प्रदान करने पर पर्याप्त जोर दिया जाना चाहिए।

12) किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी सरकारी अस्पतालों को पहले से तैयार किया जाएगा और डॉक्टर/पैरा मेडिकल स्टाफ चैबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे।

13) असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

14) सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की निगरानी 24 घंटे की जाएगी। सभी आपत्तिजनक पोस्ट के खिलाफ पहले इसे रोककर और उसके बाद सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बाद शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

5) धारा 144 (सीआरपीसी) जहां भी आवश्यक हो, लगाया जाएगा और पुलिस अधिकारी इसे लागू करना सुनिश्चित करेंगे।

16) किसी भी रूप में हथियारों /हथियारों का प्रदर्शन नहीं होगा। अवैध हथियार /हथियार रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

17) महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों आदि की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं और सभी सार्वजनिक स्थानों पर सिविल ड्रेस में पर्याप्त पुलिस तैनाती (पुरुष और महिला पुलिस कर्मी) की व्यवस्था की जाए।

18) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 13.06.2020 के अनुसार सामाजिक अधिकारिता से संबंधित निर्देशों/गाइडलाइन और अपराधों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने के लिए सभी अधिकार प्राप्त अधिकारियों का सहारा लेना पड़ सकता है।

19) सभी प्रवर्तन अधिकारियों/क्षेत्र के अधिकारियों को गाइडलाइन/निर्देशों के सख्त कार्यान्वयन के बारे में ठीक से जानकारी दी जानी चाहिए, जो हर त्यौहार/कार्यक्रम से एक दिन पहले हो।

 

 मुस्लिम धर्मगुरुओं और आयतुल्लाह सिस्तानी, आयतुल्लाह खामनेई सबने सरकार की बात मानने को कहा

 

 

आयतुल्लाह सिस्तानी साहब ने भी मोहर्रम के उपर कहा है कि हम मोहर्रम का गम मनाने के कई तरीके से मना सकते हैं, जैसे टीवी, इंटरनेट से लाइव प्रोग्राम देखे जा सकते हैं.

2. इस्लामी और दीनी चैनल, नोहैख्वान, आलिम से राबता करें और उन्हे वहां सुनें

3. सभी मोमिन अपने अपने घर पर मजलिस बरपा करें, किसी भी वक्त हर रोज़ एक वक्त पर मजलिस की जाए, जिसमें आपके अज़ीज़ ही हो..(घर के लोग और जो आते जाते हैं घर पर)

4. अगर कहीं मजलिस होने की इजाज़त कहीं मिलती है तो वहां पूरी गाईडलाइन का पालन करें, मुंह पर मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ करें. और जितने लोगों को इजाज़त दी गई है उतने ही लोग शामिल हो

5. गमे हुसैन अस का पैगाम दुनिया तक पहुंचाने के लिए गलीयों मोहल्ले में अपने परमच, काला कपड़ा, उनकी हदीस, बैनर आदि लगाएं, लेकिन ध्यान रहे आपके लगाने से किसी दुसरे इंसान को परेशानी न हो.. और किसी दुसरी जगह पर अगर लगा रहे हैं तो पहले इजाज़त ज़रुर लें.

 मजलिस के तबररुक में साफ सफाई बहुत ज़रुरी है.. इसका एहतियात ज़रुर करें.और सुखा तरबररुक बांटे तो वो भी अच्छा है.. और अगर आपको लगता है कि ज्यादा भीड़ हो सकती है तो ज़रुर आप उनके घरों तक तबररुक पहुंचाएं

 

खुदा हम सबको ये अज़ादारी करने की तौफीक इनायत फरमाए..

  

कैसे देख सकते हैं ऑनलाइन मजलिस

कई सोशल मीडिया पर मोहर्रम के दिनों में लाइव मजलिसों का इंतेज़ाम किया गया है.. दिल्ली के लोग “दिल्ली अज़ादारी” फेसबुक पेज पर भी लाइव मजिलस देख सकते हैं.. वहीं INN News, Raza Graphy, ताज़ियादारी आदि फेसबुक पेज पर भी लाइव मजलिस देखी जा सकती है.. वहीं जिनके पास फेसबुक नहीं है वो यूट्यूब पर किसी भी मौलाना का नाम लिख कर मजलिस पुरानी भी सुन सकता है.. वहीं शिया का एक “Rehmat” एप्स है जिसमें आप सभी लाइव चैनल देख सकते हैं.. जिसमें ईरान ईराक के सभी रोज़े लाइव के साथ साथ आप हिंदुस्तान या दुनिया भर के इस्लामिक चैनल पर भी लाइव मजलिस देख सकते हैं.. साथ ही उसमें नौहे भी सुन सकते हैं..

 

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