Thursday, April 25, 2024
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इराक़ दौरे पर पॉप फ्रांसिस की सुप्रीम लीडर सैय्यद अली अल सिस्तानी से हुई ऐतिहासिक मुलाक़ात

पॉप फ्रांसिस के तीन दिन के इराक़ दौरे की तैयारियां कई दिनों से काफी जोरों शोरों से चल रही थी, पॉप ने सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली अल सिस्तानी से उनके घर नजफ में मुलाक़ात की, इस मुलाकात में पॉप के द्वारा ईराक में रह रहे ईसाई धर्म के लोगों की सुरक्षा पर भी बात हुई, वहीं आयतुल्लाह सिस्तानी ने ईराक की तरफ से उन्हें आश्वासन दिया कि हर एक ईसाई यहाँ सुरक्षित हैं,

कई दशकों तक चले इराक़ के युद्ध के दौरान ईसाइयों की संख्या पर काफ़ी असर पड़ा था, इस ऐतिहासिक यात्रा में इराक़ को इस पवित्र महीने में काफी सजाया गया। पॉप का इराक़ दौरा शांति और आपसी प्रेम का पैग़ाम है।

शुक्रवार को पॉप फ्रांसिस इराक़ की राजधानी बगदाद पहुँचे। दोपहर करीब दो बजे उनका विमान बगदाद पहुँचा जिसपर इराक़ के झंडे लगे हुए थे,वही इस ऐतिहासिक मिलन के लिए जनता का हुजूम लगा हुआ था।

पॉप के इस दौरे को लेकर इराक़ी जनता में काफ़ी उत्साह भी देखने को मिला।

84 साल के पॉप फ्रांसिस ने इस्लाम धर्म के सुप्रीम लीडर  सैय्यद अली अल सिस्तानी से उनके शहर नजफ़ में मुलाक़ात की। ..पॉप के स्वागत के लिए लोग घरों के बाहर अपने पारम्पारिक परिधानों में नज़र आये , इस मुलाकात में दोनों धर्म गुरुओं ने कई मुद्दे पर चर्चा की ,आयतुल्लाह अली सिस्तानी की राय इस्लामिक मामलों में सबसे ऊपर होती है,पूरी दुनिया मे बड़ी तादाद में उनके मानने वाले है। इराक़ की पवित्र नगरी  नजफ़ में सैय्यद अली सिस्तानी का घर है।

सैय्यद अली सिस्तानी कम लोगों से ही मिलते जुलते और बात करते है।वही पॉप उनमें से एक है जिन्होंने सुप्रीम लीडर सिस्तानी से मुलाक़ात की है।

इसके साथ ही इराक़ के लोगों ने पॉप के स्वागत के लिए जगह जगह पोस्टर, लगा कर उनके इराक़ दौरे की खुशी को ज़ाहिर किया ।

इराक़ी के साथ ही वहाँ रह रहे ईसाई समुदाय में भी काफ़ी खुशी है क्योंकि माना जा रहा है कि पॉप का ये दौरा ईसाई समुदाय के हक़ में होगा।

गौरतलब है कि,आतंकी संगठन ने ईसाई, और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ ख़ूनी होली खेली थी, इस आतंकी हमले की वजह से न जाने कितनी ज़िंदगी गयी थी साथ ही कुछ औरतों और लड़कियों को ग़ुलाम बनाया गया था, जो कि काफ़ी निंदनीय है, यहां तक कि धार्मिंक स्थलों को भी बर्बाद किया गया था, वही ऐसे में पॉप का ये दौरा खुशी का संदेश है।

पॉप के इस यात्रा का उद्देश्य अल्पसंख्यकों को उनका हक और मूल भूत समर्थन दिलाना है, जिसके बारे मे आयतुल्लाह ने उन्हें यकीन जता दिया,

पॉप की  सुरक्षा के लिए 10000 इराक़ी सैनिक तैनात किए गए है।आज पॉप इराक़ मोसूल का दौरा करेंगे, साथ ही पॉप ने कई ट्वीट भी किये जिसमें उन्होंने शांति कई बात की और इराक़ मे अपने दौरे से खुश भी नज़र आए।

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