Thursday, April 25, 2024
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रोहिंग्या मुस्लिम पर कॉलेज छात्र ने लिखा ऐसा की आंसू ही आ जाएं

एक कॉलेज के छात्र सलीम ने बर्मा में हो रहे रोहिंग्या मुस्लिम पर दर्द कुछ ऐसे बयान किया कि आंखों से आंसू आ जाये, सलीम ने मोदी सरकार से भी कई सवाल किए हैं। पढ़िए एक एक लफ्ज़ युवा छात्र सलीम की कलम से….

 

crimes  against  humanity and  cleansing 

 

stop  the genocide 

 

stop  the  killing of  humanity….

 

यारो दिल  मै  दर्द  तो बहुत  हैं  दर्द  ए  दिल कैसे  ब्या  करूं अगर  किताबें  लिखुं  तो किताबें  भर  जाये  और  अगर मुँह से  बोलूं तो मन भर जाये   बस थोड़ी  सी  इन्सानियत़ की ज़रूरत हैं  यारो  …फिर  किसी  इंसान  की जरूरत  नही कि  कोई  इंसान  किसी इंसान  पे जुल्म  करे  …..

 

मासूम  औरतो  पे जुल्म  हो रहा  हैं  

मासूम  बेटों  पे जुल्म  हो रहा हैं  

वो भी  हमारी  मा  बहन  ही हैं  हमारे  ही बेटे  हैं  

 

मोहब्बत ख़त्म  हो रही  हैं जुल्म  बढ़ रहा हैं 

 

मुझे  तो खौफ  हैं उस बादशाह  का जिसने  तमाम जहा को  बनाया      

कही ऐसा ना हो जाये कि  वो जुल्म  करने पे आ जाये  और पूरा  ब्रम्ह्ण  तबाह  कर  दे क्यूकी मासूम  भाई  बहन  तो भगवान  का रूप होते  हैं अल्लाह  को बहुत  प्यारे  लगते हैं और औरतो  का क्या कसूर  हैं उनकी  गर्दन  काटी  जा रही हैं  

बेइज्जत  किया  जा रहा  हैं    जिंदा जलाया जा रहा हैं 

खुदा  की कसम  हम  सब  के लीये बहुत  खतरे  की बात्त  हैं  

जो इंसान  …..इंसान  को जला  सकता हैं  काट  सकता हैं  जिंदा  दफना  सकता हैं वो इंसान नहीँ  हो सकता  ..और वाहा  पर  इन्सानियत़  का सिक्का बिल्कुल नहीँ  चलता  होगा  बल्कि  वाहा  पर तो हैवानियत का सिक्का चलता हैं   

और सबसे  बड़ा  मजाक तो ये हैं की हम भी  खामोशी  की चुप्पी      

साधे  हुए  हैं   हम  लोगो के दिल  काले  हो  चुके  हैं इन्सानियत़  मर  चुकी  हैं ये  हम सब  के लिये  बहुत  बुरा  हो सकता  हैं 

हम  बर्मा  मै  जाकर  लड़  तो नहीँ सकते बल्कि  ऊन  लोगो के इंसाफ के लिये  आवाज़  तो उठा  ही सकते हैं अपनी इन्सानियत़  तो दिखा  ही सकते हैं  ये बहुत  छोटा  जुल्म  नहीँ  हैं यारो ..ये बहुत बड़ा जुल्म  हो रहा हैं और ये सब  सिर्फ  मुसलमानो  के साथ ही नहीँ हो रहा हैं कुछ  हिन्दू भाईयो  के साथ भी  हो रहा हैं

ए  हुकूमत  तेरा  बस  नहीँ चलता बादशाहों  पे तेरा  जुल्म  भी मजलूम  लोगो  पे ही  चल रहा हैं 

यारो दिल मै  जज्बात तो बहूत हैं  की अपनी कीमती  कलम से सारे जज्बात  लिख डालूं लेकिन  अकेले  मेरे जज्बातों  से काम  नहीँ चलने वाला  बल्कि  ये तो पूरी आवाम  की जिम्मेदारी  हैं पूरी  इन्सानियत़  की जिम्मेदारी  हैं केवल  प्रधानमंत्री  की नहीँ  हैं  केवल  मुख्यमन्त्री की नहीँ  हैं  एक  सिपाही  की नहीँ हैं  बल्कि ये  तो सारे जहा  की जिम्मेदारी  हैं 

एक बर्मा  के  आदमी से  मेरी  मुलाकात  हुई  …..यकीन  मानो  दहाड़ मार  मार  कर  रो  रहा था  ये मंजर  एक बहूत बड़ी मजलिस  मै  हुआ  था  ये जुल्म  नहीँ हैं  तो क्या हैं  और इंडिया  और इंडियन  लोगो को रो रो के दुआयें  दे  रहा था 

जब जब भी पूरी  ब्रह्म  मै  किसी भी देश  मै  किसी पे भी  जुल्म  हुआ हैं सबसे पेहले  हिंदुस्तान   ने  उसका  विरोद्ध  किया  हैं  हिन्दुतान  ने और हिन्दुस्तानियों  ने बहुत  सी  कुर्बनी दी हैं  

 

 

 

दिल  मै जज्बात  तो बहुत हैं ब्या  नहीँ कर सकता  ……

 

 

 

बर्मा की औरतो  पे 2_2 करोड़ का  कर्ज  इल्जाम  लगाया  जा रहा हैं कहाँ  से  देगी वो मासूम  औरतें  इतना कर्ज ये जुल्म  नहीँ  तो क्या हैं  वो  मासूम औरते  अपने  छोटे  छोटे  बेटा बेटी बेच    रही  हैं ……ये जुल्म  कोई भी  मा  बर्दाश्त  नहीँ  कर सकती …ये जुल्म नहीँ तो क्या हैं  …its  not  fair  

stop  the killing  

of  humanity ….

stop  the  genocide ….

 और  मुझे लगता हैं   मेरे  देश की  एक एक मा मेरे  जज्बात  समझ  रही हैं  समझ  सकती  हैं  क्युकि  मा किसी की भी हो मा _मा होती हैं

और अल्लाह  ने भगवान  ने  भी सबसे  ज्यादा  तारीफ  ….मा ही की …. की हैं 

 

यारो जब  भी इन्सानियत़  के लिये  बोलने  की जरूरत  हो तो अपनी  जबां खोला  करो कही ऐसा  ना तुम्हारी  खामोशी  तुम्हे  बुजदिल  बना  दे 

 

बस  मेरी  भारत  सरकार  से एक  ही गुजारिश  हैं  की वो  इंसानियत  को पूरा सपोर्ट  करे 

 

बर्मा के 40000 लोग  इंडिया  मै रहते  हैं  उन्हे   यहा  से  भी निकालने  कि  साजिश  चल रही हैं ये  अछी  बात  नहीँ हैं 

 

बर्मा  के कुछ  लोग बर्मा से पलायन  कर चुके  हैं  और कुछ  बंगलादेश  भाग  गये  …..लेकिन  वाहा  से भी निकाला  गया ….50_60 साल  से बर्मा मै  रह रहे muslimo लोगो को  आज  तक वाहा  कि नागरिकता  नहीँ मिली  

ऐसा क्या किया हैं  बर्मा कि आवाम ने जो इतने  जुल्म  के हक्दार  हैं   its  not  fair stop the killing of humanity 

 

 

मोदी  जी तुम्ही  कुछ  कर सकते  हो और तुम्ही  कुछ  करने  के  लिये  राजी  नही  ……आपकी यात्रा  पुरी  नहीँ  हुई  हैं  अब ज्यादा  घूमना  बंद  कर दीजिये  और इन्सानियत़  के लिये  कुछ  करो ….

मोदी  जी तुम वक्त  के बादशाह  हो और आपके जैसे  बहुत  सारे बादशाह  आये  और चले गये  ….और तबाह  कर दिया  ऊन  सब  बादशाहों  को उस बादशाह  ने जो  तमाम  जहाँ  का मालिक  हैं  ……….और वो हैं  अल्लाह  मेरा  रब  हम  सबका रब ….क्यूकि  उस  टाइम  के बादशाह  भी जुल्म करते  थे  और जुल्म  होते हुऐ  देखते  थे ……

इसलिये  उन  सबको बहुत खौफनाक  सजा   मिली  थी  ..

मोदी जी ये  आप ही का नारा हैं  आतंकवाद  ख़त्म  करना  हैं  पड़ोस    

देश  कि मदद  करनी  हैं …..

मोदी  जी जब कही  पे बकरा  या हमारी  गऔ  माता को काटा  जाता  हैं  ….जब  तो हमें  बहुत  दर्द  होता .हैं  .. और हम  उसका  विरोध  भी करते  हैं  और करते रहेंगे  …. …  लेकिन  हमें  जब दर्द  क्यू  नहीँ होता जब हमारी  जिन्दा  मां को जलाया  जा रहा हैं  काटा  जा रहा  हैं  बेइज्जत  किया  जा रहा हैं  ……….जानवरों  कि  कीमत  इंसानों  से ज्यादा  हो गयी हैं   

 

 

मोदी जी बर्मा  मै जाकर  htin kyaw कि  कमर  थपथपाने  से  काम नही  चलेगा  ….समझौता  करना  हैं  तो इन्सानियत़  से  करो ना    मोदी जी ….htin kyaw को गले  से लगाकर  आ  गये  उन्हे  ये  नही बताया  कि इंसान का कत्ल  मत करो …

आपका ये शान बेहद  बदतर  लग रहा हैं लोगो  को ..

 

जिस  देश  मै  महात्मा गाँधी  जैसे  लोगो  ने जन्म  लिया  शहीद  भगत  सिंह ने  जन्म  लिया  ……वहां  पे जुल्म  का सिक्का   नही  चलेगा  …….

 

क्यू  दी  उन लोगो  ने कुर्बानी  क्यू  हुऐ  वो  जांबाज़  शहीद  …….सिर्फ  इन्सानियत़  के लिये मोहब्बत  के लिये और आप यात्रा  पे निकल  जाते  हो ……its not fair modi jii stop the killing of humanity 

बँटवारा  तो वो महान  लोग  करके  चले  गये आप  बंटवारे  कि कोशिश  ना करे

समझिए उस मा का  दर्द  जिनके  मासूम बचो  को मारा  जा  रहा हैं  काटा  जा रहा  हैं .

लेकिन  फ़िर  भी  तुम्हे  तमाम  आवाम आगाह करती  हैं  कि ये जो हो रहा हैं ये ठीक  नही  हो रहा हैं ……

 

और सबसे  बड़ा  आंतकवाद  कौन  हैं  मेरा  सारा  मुल्क  जानता  हैं 

मोदी  जी ….

कुछ  सर्फिरे  लोग हमें  दहशतगर्द  कहते  हैं और हमारी  बेबसी देखो  हम  उसे  मौह्हब्बत कहते हैं 

और हम  तो इस .मुल्क  कि मिट्टी  को भी मा  कहते  हैं  

 

तूज्को मेरे  खाके  तयम्मूम  कि कसम  तु  ही बता  जो ये सज्दौ  के निशान  कहते  हैं  

अरे  जाकर पुछ  ले  कोई  ज़माने  से मक्का  मै  हमने  इस मुल्क  के खातिर  दुआयें  कि हैं  अरे  कोई किसी  से पुछ  ले इसे  हमदर्द  कहते  हैं  

 

और  अगर  तेरा  आतंकवाद  पर  कोई बस  नही चलता  ए  हुकूमत  तो सुन  ले हम   तुझे  नामर्द  कहते  हैं ……..

 

जब जामिया मिल्लिया  इस्लामिया  के स्टूडेंट्स  ने विरोध  करने  को कोशिश  कि तो  उन्हे  गिराने  कि  साजिश  चल  गयी जामिया  मिल्लिया  इस्लामिया  के स्टूडेंट्स  को हज़रत  निजामुद्दीन  रोक लिया  जाता  हैं  और देल्ही  पुलिस  साफ साफ  बोल  देती  हैं  कि तुम्हे  यहा से  जाने  कि पर्मीस्सीओन नही हैं और उन्हे  जाने  नही  देती  लेकिन  जामिया मिल्लिया  इस्लामिया  के  स्टूडेंट  अब्दुल  खलीक पीछे    नही  हटा  और चाणक्या  पुरी  पुलिस  स्टेशन  के सामने पहुँच  गये  …..और बर्मा  में  हो रहे जुल्म  के खिलाफ  विरोध  किया ….ठीक इसी तरहा  से  अलीगढ़  मुस्लिम  यूनिवर्सिटी  के स्टूडेंट्स  को भी रोका गया  और वो भी नही रुके ……

मोदी जी  जल  रहा  हैं  घर  मेरा तो ये मत  भूल  तेरा  भी फूस  का मकान  हैं  उस तरफ़  आँधी  हैं  ,अब मूकक्दर  तेरा  हैं 

और उत्त्तर प्रदेश  के  मुख्यमंत्री  श्री योगी  अदित्य नाथ  जी  बोलते हैं  कि गोरखपुर  में जो 50-60  मासूम ऑक्सीजन से  मारे  गये   उन्हे  उन  लोगो  कि कोई कमी  नही  खल  रही  हैं  बल्कि  बोलते  हैं  कि ये हॉस्पिटल  कि गलती   नही हैं  मेरी  गलती  नही हैं  मेरी  सरकार  कि गलती  नही हैं  मा  बाप  को खुद  अपनी  फेमिली  कि हिफाजत  करनी  चाहिए।

अरे  मेरे  भाई  योगी cm  बना  हैं  खुदा नही  अरे मेरे भाई  जिन्होंने  अपनी  औलाद  को जन्म  दिया  हैं वो  हिफाजत  भी  कर लेंगे  ….

तुमसे  तो  खुद  कि एक औलाद  पेदl नही  कर  पाये दूसरो  कि औलादों  कि क्या हिफाजत करोगे  ……..अगर  इन्सानियत़  बाकी  हैं  तो जाग  जाओ  वरना  लोगो  कि नजरो  से गिर  जाओगे  …..और बर्मा के 40000 लोग  i

हिंदुस्तान  मै  रहते  हैं  उन्हे  रहने  दिया  जाये 

 

 

 

 

 

मेरा  मुल्क एक दरबार  कि तरहा हैं जहा  के बादशाह  आप हैं  मोदी  जी और यहा  के  वजीर   यहा  कि आवाम  हैं  …..और मेरे  मुल्क  मै  जो पन्ह माँगता  हैं उसे  दी जाती  हैं निकाला नही नही  जाता  .. ..

 

 

 

 

 

झुकता  वही  हैं  जिसमे  जान  होती  हैं अकड़  तो  मुरदे  कि पहचान  होती हैं …..

 

 

 

 

stop  the  killing of  humanity  

stop the  genocide …

 

 

(लेखक दिल्ली के एक कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहे हैं)

 

 

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