Thursday, April 25, 2024
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शिया सुन्नी एक साथ पढ़ेंगे बकरीद की नमाज़, देंगे एकता की मिसाल

शिया सुन्नी मिलके देंगे एकता की मिसाल

एक साथ पढ़ेंगे बकरीद की नमाज़

अमन शांति का दुनिया को पहुंचाएंगे पैग़ाम

अली अब्बास नकवी –  ईदुल अजहा के अवसर पर एक बार फिर अपनी सफों में इत्तेहाद कायम करते हुए देश भर में सुन्नी और शिया मुसलमान कई शहरों और गाँव में एक साथ नमाज़ अदा करेंगे. इस कड़ी में राजधानी नई दिल्ली स्थित दरगाह शाहे मरदा की मस्जिद में बड़ी संख्या में सुन्नी मुसलमान शिया इमाम के पीछे नमाज़ अदा करेंगे.  यहाँ अंजुमने हैदरी और मुस्लिम युवकों की संस्था शोल्डर टू शोल्डर मिलकर इसे सफल बनाने में जुटे हैं.

आज यहाँ एक प्रेस कांफ्रेंस को, संबोधित करते हुए वरिष्ट पत्रकार मोहम्मद अहमद काज़मी ने बताया कि जोर बाग़ स्थित दरगाह शाहे मरदा में यह दूसरा अवसर है जब सुन्नी मुसलमान शिया इमाम के पीछे ईदुल अजहा की नमाज़ अदा करेंगे. उन्होंने कहा कि देश भर में सकारात्मक सोच रखने वाले नौजवानों द्वारा शोल्डर टू शोल्डर आन्दोलन चला रहे है. केवल कुछ घंटों में ही सोशल मीडिया द्वारा देश भर के बहुत से शहरों और गावों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया आई है. अब तक लखनऊ, मेरठ, हैदराबाद, मुंबई, जयपुर और कई अन्य स्थानों से शिया सुन्नी मिलकर नमाज़ अदा करने का कार्यक्रम तय हो चुके हैं. अगले दो दिनों में कुछ और स्थानों से सकारात्मक सूचना मिलने की सम्भावना है.

इस अवसर पर दरगाह शाहे मरदा स्थित कुदसिया मस्जिद के इमाम मौलाना तालिब हुसैन ने बताया कि ऐसे में जब कि एक कलमा अदा करने वाले दुनिया भर के मुसलमान हज के दौरान मक्का में एक इमाम के पीछे नमाज़ अदा कर सकते हैं तो अपने अपने देशों में वापस आकर मुसलमान एक साथ नमाज़ क्यों अदा नहीं कर सकते. उन्होंने सभी मुसलमानों से अपील की कि ईदुल अजहा के अवसर पर शिया और सुन्नी एक साथ नमाज़ अदा करें. जब ईद मिलेंगे और हाथ मिलायेंगे तो तमाम दुश्मनी ख़त्म हो जाएँगी.

समाज सेवी ओवैस सुल्तान खान ने इस अवसर पर बताया कि दुसरे देशों में शिया और सुन्नी के दूर होजाने के नतीजे हमारे सामने हैं. २०१५ में कुवैत में शिया मस्जिद में धमाके के बाद वहां के सुन्नी हज़रात ने शिया इमाम के पीछे उसी मस्जिद में यह कहते हुए नमाज़ अदा की कि यदि कोई खतरा है तो वे भी वहां जान देने के लिए तेयार हैं.  इस के बाद हमने तय किया कि हिंदुस्तान में भी हम शिया और सुन्नी एक साथ नमाज़ पढ़कर दुनिया को बताएं कि हमारे बीच प्यार है और इसे हर हाल में बाकी रखा जायेगा.

प्रेस कांफ्रेंस में वरिष्ट अधिवक्ता महमूद पराचा ने कहा कि दुनिया भर में जिस तरह मुसलमानों को तकसीम करने की कोशिश हो रही है हमें अपने देश में शांति बनाये रखने के लिए एक साथ रहना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में शिया सुन्नी के बीच नफरत फैलाने में दुश्मन ताकतें कामयाब हुई हैं इसलिए हमें होशियार रहने की ज़रुरत है.

अंजुमने हैदरी के जनरल सेक्रेटरी बहादुर अब्बास नकवी ने बताया कि हम वक्फ के मामलात में भी सुन्नी हज़रात को सहायता देते रहे हैं. दिल्ली की गोसिया कालोनी में डी डी ए नें पांच मस्जिदों को गिरा दिया था और सेकड़ो परिवारों के घरों को उजाड़ दिया था. अंजुमने हैदरी नें उन्हें वहीँ वक्फ की ज़मीन में दोबारा बसने में कानूनी तरीके से मदद की और वहां के सुन्नी हज़रात भी अंजुमने हैदरी के वक्फ आन्दोलन में साथ रहते हैं.

बहादुर अब्बास ने बताया कि ईदुल अजहा के अवसर पर कई मुस्लिम देशों के राजदूतों और प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है. इन देशों की ओर से भी दिलचस्पी दिखाई जा रही है. हमें आशा है की इस बार ईदुल अजहा के अवसर पर दरगाह शाहे मरदा से तमाम मुसलमानों में एकता का सन्देश जायेगा. इस अवसर पर कनाती   मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद कासिम जैदी ने भी इस एकता की कोशिश की सराहना की.

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