Friday, June 14, 2024
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वंदे मातरम का विरोध करने वाले मुस्लिमों से वोट डालने का अधिकार छीन लेना चाहिए-शिवसेना

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मुंबई। भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना एक बार फिर चर्चाओं में आ गई हैं। सोमवार को शिवसेना ने मांग की कि वंदे मातरम गीत का विरोध करने वाले मुस्लिमों के राष्ट्र विरोधी जैसा व्यवहार होना चाहिए और उन्हें मताधिकार से वंचित किया जाना चाहिए।

 

 

 

औरंगाबाद नगर निगम (एएमसी) में शनिवार को वंदे मातरम गाने पर हुए हंगामे के खिलाफ पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंसा में शामिल गो रक्षकों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा, “हम मानते हैं कि वंदे मातरम का विरोध या अपमान भी समान रूप से गंभीर अपराध है और जो भी इसमें शामिल हैं उन्हें ‘मताधिकार से वंचित किया’ जाना चाहिए। क्या आपके पास ऐसा करने की हिम्मत है।

 

 

शिवसेना ने संपादकीय में कहा, “शिवसेना पार्षद इस अपमान पर गुस्से से फट पड़े और वंदे मातरम के विरोधियों पर हमला किया। सौभाग्य से भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों ने इस राष्ट्रवादी कर्तव्य में हमारा समर्थन किया।”

 

शिवसेना ने कहा, “यह वे नेता है जो अपने समुदाय को झूठी मान्यताओं में डाल रहे हैं और इस्लाम की हत्या कर रहे है। इनके विकृत दिमाग की वजह से इस्लाम खतरे में है। संपादकीय में कहा गया है, “यह सरकार की जिम्मेदारी है कि इन्हें कुचल दे। शिवसेना ने इसकी एएमसी में शुरुआत की है।

 

 

 

 

संपादकीय में कहा गया है कि जब सरकार गौरक्षकों पर कड़ी कार्रवाई कर सकती है तो वंदे मातरम का विरोध करने वालों के साथ भी ऐसी ही सख्ती से पेश आना चाहिए।

 

 

औरंगाबाद की घटना में असदुद्दीन ओवैसी के अगुवाई वाली एआईएमआईएम के तीन पार्षदों-शेख समीना, सैयद मतीन व शेख जफर के वंदे मातरम गाए जाने के दौरान बैठे रहने की शिवसेना ने आलोचना की।

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