Saturday, May 25, 2024
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उन्नाव: मरीज़ के लिए पुलिस ने नहीं खोला पुल का रास्ता, मौत

आशु अवस्थी(उन्नाव):  सरकार लॉक डाउन लगाने के साथ दावा करती है की इस दौरान मरीजों और गरीबो की हर जरुरत का प्रशासन धयान रखेगा लेकिन आज उन्नाव में एक ऐसा नजारा दिखा जिसे  देखकर उन्नाव  प्रशासन की बेरहम लापरवाही पर मानवता भी शर्मसार हो गई

एक कोरोना पेशेंट मिलने से उन्नाव डीएम ने कानपूर आने वाले दोनों पुल के गेट बंद करवा दिए थे जिसका नतीजा ये हुआ की शुक्लागंज  इलाके से सांस के एक पेशेंट को 25 किलोमीटर पेशेंट का बेटा बाइक  चलाकर  अपने पिता को दिखाने कानपूर जिला  हॉस्पिटल लेकर आना पड़ा वह भी तब जब उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी गंगा घाट पर मृतक का बेटा पुलिस से गीडगिडाता रहा लेकिन गंगा घाट पुलिस ने उसकी एक न सुनी पुलिस कहती रही डीएम साहब के आदेश पर बंद हुआ है हम नहीं खोल सकते मृतक के बेटे की कोई सुनवाई  नहीं हुई  इस से पहले भी दो मरीज डायलिसिस के पुलिस से गुहार लगायी थी तब भी गंगा घाट पुलिस ने डीएम का आदेश बता कर नहीं जाने दिया था तब मजबूरन डायलिसिस का मरीज खुद स्कूटी चला कर हॉस्पिटल गया था जिसकी 80 परसेंट किडनी फेल हो चुकी थी|

बता दें की उन्नाव जनपद में एक और मामला सामने आया जब डीएम मरीज के इलाज के अभाव में मौत हो गई, म्रतक की पत्नी और बेटा पुलिस से पर्चे दिखा कर डॉक्टर के पास ले जाने की गोहार लगते रहे लेकिन गंगाघट पुलिस ने नही जाने दिया तो परिजनों को कानपुर के 25 किलोमीटर का लम्बा रास्ता चुनना पड़ा मृतक का बेटा अपने पिता को बाइक से लेकर हॉस्पिटल पहुंचा जिससे मरीज की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसकी हैलेट में इलाज के दौरान मौत हो गई

बता दे कि उन्नाव के गंगाघट में इस समय रेड जोन घोसित किया गया है ऐसे में सीताराम कॉलोनी के जयप्रकाश की हालत बिगड़ गई परिजनों ने एम्बुलेंसे को बुलाया तो डेढ़ घण्टे तक कोई नही आया दमा के कारण जयप्रकाश की हालत और बिगड़ गई जिससे उसे बाइक से कानपुर ले जाने लगे लेकिन गंगाघाट पुल पर लगी पुलिस ने लाख मिन्नतों के बाद भी नही जाने दिया तो परिजनों ने गंगा बैराज का 25 किलोमीटर का लंबा रास्ता चुना जिससे जयप्रकाश की हालत इतनी बिगड़ गई कि हस्पताल में उनकी मौत हो गई अब सवाल ये उठता है आखिर उन्नाव स्वास्थ विभाग और उन्नाव का पुलिस विभाग की इस करतूत का कौन जिम्मेदार है जिस परिवार का मुखिया नही रह उसका जिम्मेदार कौन? उन्नाव डीएम ने जिले को ऐसा सिल किया है की कंही से किसी को जाने ही नही दिया जा रहा चाहे वो मरीज हो या फिर कोई जरूरतमंद. कोरोना से नहीं पर उनकी मौत डीएम के उस आदेश से मौत हो रही ही जिससे उन्नाव कानपूर को जोड़ने वाले पुल पर से पुलिस मरीज को जाने नहीं दे रही है|

नगर के सीताराम कालोनी में एक युवक पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहा है। दो दिन पहले उसकी अचानक तबियत बिगड़ी। परिजनों ने एम्बुलेंस को सूचना दी लेकिन एम्बुलेंस चालक मरीज को कानपुर न ले जाकर उन्नाव ले जा रहा था। जिस पर परिजनों ने बाइक में बैठाकर कानपुर उर्सला अस्पताल ले गये। हालत बिगड़ने पर हैलट रेफर कर दिया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर उसके घर में कोहराम मच गया। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सीताराम काॅलोनी निवासी जय प्रकाश (42) दमा के मरीज हैं। उनका कानपुर स्थित उर्सला में इलाज चल रहा है। दो दिन पहले अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। परिजनों ने एम्बुलेंस से इलाज के लिये ले जाने को कहा, जिस पर एम्बुलेंस चालक ने उन्नाव ले जाने के लिये कहा, परिजनों ने कहा कि कानपुर में इलाज चल रहा है। कानपुर ले जाना है। नया और पुराना दोनों पुल बंद होने के कारण एम्बुलेंस चालक ने उसे ले जाने से मना कर दिया। बुधवार दोपहर परिजन किसी तरह बाइक से उर्सला ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर हैलट रेफर किया गया। जहां गुरूवार रात दो बजे उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत पर परिजनों ने बताया कि दोनों पुल बंद होने के कारण सही समय पर इलाज नहीं मिल सका। जिससे उसकी मौत हुई है। युवक की मौत पर पत्नी पूनम, बेटे आकाश, विकास का रो रो कर बुरा हाल हो गया।

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