Thursday, April 25, 2024
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आखिर गुजरात की जीत का जश्न क्यों मना रही है बीजेपी- शबाना आज़मी

गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी अपने दावे के अनुसार जीत हासिल करने में नाकाम रही है। बीजेपी की ओर से कहा जा रहा था कि उनकी पार्टी गुजरात में 150 विधानसभा सीटों पर कब्जा करेगी, लेकिन सोमवार को आए नतीजों में बीजेपी को केवल 99 सीटें ही मिली हैं। हालांकि बीजेपी के कार्यकर्ता इस बात से खुश हैं कि राज्य में छठी बार भी उनकी ही सरकार बनेगी। वहीं बीजेपी के दावों को लेकर अब कई बड़ी हस्तियों ने टिप्पणी करनी शुरू कर दी है। दिग्गज बॉलीवुड अदाकारा शबाना आजमी ने ट्विटर पर न्यूज़ पेपर की एक कटिंग पोस्ट करते हुए सवाल किया है कि बीजेपी गुजरात की जीत का जश्न क्यों मना रही है? आजमी ने न्यूज़ पेपर का जो पोस्ट शेयर किया है, वह 27 नवंबर का है। इस कटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वह बयान लिखा है, जिसमें उन्होंने 151 सीटें जीतने का दावा किया था। पोस्ट में लिखा है, ‘विपक्ष लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। गुजरात में एक बार फिर कमल ही खिलेगा और बीजेपी 151 सीटों पर कब्जा करेगी। अगर पार्टी 90 और 149 के बीच सीटें जीतती है तो जश्न नहीं मनाया जाएगा।’

 


शबाना आजमी के इस ट्वीट पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देते हुए उन्हें ही ट्रोल करना शुरू कर दिया। कुछ लोग कह रहे हैं कि जैसे पिता अपने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए वादा करता है, वैसे ही बीजेपी ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए ऐसा कहा था। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा है कि शबाना को बीजेपी के वोट शेयर चेक करना चाहिए, जो कि 50 फीसदी है। वहीं कुछ लोगों ने उन्हें कपटी तक कह दिया।
बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर जीत हासिल की है। 182 सीटों में से बीजेपी ने जहां 99 सीटों पर कब्जा किया है तो वहीं राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी ने 77 सीटें जीती हैं। पिछले चार दशक से गुजरात में किसी भी पार्टी या गठबंधन की सरकार 100 से कम विधायकों की संख्या से नहीं बनी है लेकिन 1975 के बाद अब ऐसा पहली बार होगा जब गुजरात में मात्र 99 विधायकों के सहारे यानी डबल डिजिट के आंकड़े के साथ ही बीजेपी सरकार बनाएगी। बता दें कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साल 2002 में जब गुजरात विधान सभा के चुनाव हुए थे तब बीजेपी को सबसे ज्यादा 127 सीटें मिली थीं। उसके बाद से बीजेपी की सीटों में लगातार कमी होती गई है। उससे पहले साल 1998 के चुनावों में बीजेपी को 117, 1995 के चुनावों में 121 सीटें मिली थीं। 2007 में भी बीजेपी को 117 और 2012 में 116 सीटें मिली थीं।

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