Saturday, May 25, 2024
No menu items!
Homeदेशक्यों हारी एमपी,राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी, जानिए मुख्य कारण

क्यों हारी एमपी,राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी, जानिए मुख्य कारण

दिल्ली -11 दिसंबर को 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के रिज़ल्ट का इतज़ार हर कोई कर रहा था लेकिन राजस्थान और एमपी के रिज़ल्ट के लिए तकरीबन 24 घंटे लग गए और 12 दिसंबर की सुबह तक पूरी स्तिथि साफ हो गई और बीजेपी के हाथ सिर्फ हार ही लगी.. खबर सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने एमपी और राजस्थान में कई दूसरे विधायकों से भी बात की लेकिन बीजेपी उनका साथ पाने में कामयाब ना हो सकी और अब ये तीनों बड़े राज्यों की कमान कांग्रेस के हाथ लग गई है.. जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का सर और उंचा हो गया है…

 

हालांकि बीजेपी के हारने की कई वजह बताई जा रही है. वरिष्ठ पत्रकार परेश सिंह और अली अब्बास नकवी ने इन वजहों के बारे में विश्लेषण किया.. आईए आपको बताते हैं कि क्या मुख्य वजह रही जिससे बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा..

 

बीजेपी के हारने के कारण हैं –

1. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के 2 बयान ने हिन्दू वोट भी कटवा दिए

बजरंग बली हमारे – कांग्रेस अली तुम्हारे – जी हां योगी अदित्यनाथ ने पहले ये बयान दिया कि कांग्रेस अली को लेले हम बजरंग बली को ले लेंगे, जिसके बाद योगी अदित्यनाथ मुस्लिम समाज के गुस्से का भी शिकार हुए.. आपको बता दें जिस वक्त योगी सीएम बने थे..

उसके कुछ वक्त बात ही 13 रजब(इस्लामिक कैलेंडर) के दिन हज़रत अली अस के जन्मदिन का दिन था जिसकी मुबारक बाद खुद सीएम योगी अदित्यनाथ ने ट्वीटर के माध्यम से दी थी और उस वक्त मुस्लिम समाज ने योगी अदित्यनाथ का स्वागत भी किया था.. लेकिन अब उनके इस बयान से काफी मुस्लिम समाज नाराज़ रहा

और दूसरा

 

 

“बजरंग बली की जाति दलित है” – योगी अदित्यनाथ ने बजरंग बली को तो अपना कह दिया था लेकिन यहां बजरंग बली भी उन्हें नहीं मिल सके.. एक चुनावी सभा में योगी आदित्यनाथ ने बजरंग बली ही कि जाति बता दी जिसके बाद पिछड़ी जाती समेत कई हिंदू उनके इस बयान से कट गये..जिसके बाद पिछड़ी जाती के लोगों ने कई हनुमान के मंदिर पर कब्ज़ा तक किया..

 

2. एससी एसटी एक्ट बिल – सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट में बदलाव करते हुए कहा था कि इसके मामलों में तुरंत गिरफ्तारी नहीं की जाएगी, लेकिन केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर इसे पलट दिया. एमपी में तो जगह-जगह इसके खिलाफ प्रदर्शन भी हुआ जो काफी हिंसक रूप ले गया. हालत इस कदर बदतर हो गई कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर चप्पल फेंकी गई. जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान उनके ऊपर पत्थर फेंके गए थे और काले झंडे दिखाए गए थे. चप्पल फेंकने वाले एससी/एसटी एक्ट का विरोध कर रहे थे. यह घटना मध्य प्रदेश के सीधी जिले की थी.

 

3. किसान का गुस्सा – बीजेपी ने किसानों के लिए कर्ज़ माफी से लेकर उनको अच्छी रकम में माल बेंचने तक की बातें की थी लेकिन किसान अब भी मजबूर है और उसी का असर अब देखने को मिला. वहीं दिल्ली में हुई किसान रैली ने और बीजेपी को किसानों से दूर कर दिया..किसानों का गुस्सा ही था जो बीजेपी को छत्तीसगढ़, राजस्थान मध्य प्रदेश में हार का सामना करना पड़ा –

 

4. बीजेपी के अब जुमलों पर यकीन नहीं 

    15 लाख रुपए नहीं आये अकाउंट में –  2014 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने वादा किया था कि इतना पैसा बाहर से आएगा कि हर एक के अकाउंट में 15 – 15 लाख रुपये आ जाएंगे.. जिसके बाद जब बीजेपी जीत गई तो एक टीवी कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि वो सिर्फ एक चुनावी जुमला था.. जिसके बाद कांग्रेस ने इस जुमले को भी खुब भुनाया.. यह भी एक मुख्य कारण है कि युवा भी बीजेपी से दूरी बनाने लगा है.. क्योंकि रोज़गार भी अब उन्हें नहीं मिल रहा है..

 

5. विदेशों में जमा काला धन अभी तक नहीं आया वापस – कांग्रेस के वक्त में अन्ना आंदोलन में भाग लेने वाले बाबा रामदेव, किरण बेदी समेत कई दिग्गज नेता काला धन वापस लाने की मांग कर रहे थे..जिसका पूरा सहयोग बीजेपी दे रही थी और इसी चीज़ को मुद्दा बना कर बीजेपी ने वादा किया था कि उनकी सरकार वापस आएगी तो ज़रुर काला धन वापस लाया जाएगा.. लेकिन अभी तक काला धन वापस नहीं आ पाया..

6. करणी सेना का राजस्थान में जमकर विरोध प्रदर्शन

पद्मावत फिल्म के रिलीज़ होने से पहले ही पूरे देश में बवाल मचा हुआ था तभी करणी सेना ने ये कह दिया था कि अगर .ये मूवी रिलीज़ हुई तो बीजेपी को सत्ता से हटा देंगे.. जिसके बाद इस चुनाव में भी करणी सेना ने राजस्थान में अपना विरोध दिखाते हुए कांग्रेस को समर्थन कर दिया और उसके वोट वहां से कट गए.

.

7. राजस्थान में नहीं दिखा लोगों को विकास, सरकार और संगठन में था बीच मे टकराव

वसुंधरा राजे के राज में वहां की जनता परेशान सी होने लगी थी. कभी फिल्म को लेकर बवाल होता था.. तो कभी कोई ना कोई बात पर.. साथ ही वहां रोज़गार, पानी बिजली की भी समस्यां से जनता जुझ रही थी.. वहीं खबरों के मुताबिक सरकार और सगंठन के बीच में टकराव भी देखने को मिल रहा था.. जिसका खामियाज़ा बीजेपी को राजस्थान में उठाना पडड़ा..

 

8.*वसुंधरा राजे से थे सभी नाराज़, उनका रवैया नहीं आया पसंद, तानाशाही का लगा था आरोप

बीजेपी के कार्यकर्ताओं का ही आरोप था कि उनकी सीएम उनकी बात नहीं मानती है. एक ये कारण भी था कि खुद बीजेपी कार्यकर्ता अपनी सीएम से नाराज़ थे.. और जब दूसरे लोग बीजेपी नेताओं के पास काम लेकर आते थे तो वो काम भी पूरा नही हो पाता था.. 

 

9. एमपी और छत्तीसगढ़ में 15 साल से एक ही सरकार थी जनता परिवर्तन चाह रही थी – 

एक कारण ये भी हो सकता है कि एमपी और छत्तीसगढ़ में पिछले 15 साल से बीजेपी के ही मुख्यमंत्री हैं और केंद्र सरकार में भी बीजेपी की ही सरकार है.. इसी लिए जनता अपना मन भी बना चुकी होगी कि उन्हें इस बार अपने सीएम को बदलना है..

 

10. कांग्रेस राफेल मामले में जनता को समझाने और शक दिलाने में कामयाब रही कि चौकीदार चोर है

राफेल डील के मामले को भूनाने में कांग्रेस बिल्कुल कामयाब हो गई.. उसने आम जनता के दिल में शक ज़रुर डाल दिया है कि राफेल डील में ज़रुर कुछ घोटाला हुआ है..और बीजेपी इस शक को दूर भी कर नहीं पाई.. जिसकी वजह से आम जनता को बीजेपी से दूरी बनानी पड़ी…

 

11.नोटबन्दी भी एक बड़ी वजह

नोटबंदी से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था.. एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान के कई ऐसे एरिया थे जहां लोगों को कैश की किल्लत का महीनों सामना करना पड़ा था..तो ये भी बड़ा कारण है कि अभी आम जनता नोटबंदी के दर्द को भूला नहीं पाई..

12. ट्रिपल तलाक पर जब बिल ला सकती थी तो राम मंदिर पर क्यों नहीं कुछ किया

ट्रिपल तलाक पर बीजेपी बिल लाई थी इसी बात को लेकर आम जनता बीजेपी से नाराज़ है कि जब तीन तलाक पर बिल ला सकते हैं तो राम मंदिर पर बिल क्यों नहीं लेकर सरकार आ रही..

 

13. देश भर में मोब लिंचिंग समेत हिंदुत्व को बढ़ावा देने से जनता भी नाराज़, लोगों को सॉफ्ट हिन्दू ही बनना पसंद जो सभी धर्म की इज़्ज़त करें

देश में हो रही मॉब लिंचिंग, गौ हत्या के नाम पर मारपीट आदि ने भी देश के अंदर अशांति का माहौल पैदा कर दिया था जिसकी वजह से गांव दराज के लोग काफी सहमे भी हुए थे..और बीजेपी सरकार से दूरी बनाने लगे थे..लोगों को सॉफ्ट हिंदू पसंद हैं कट्टरवाद नहींं.

14. विपक्ष मज़बूत रहा और जिसका असर काफी दिखा, कारोबारी, आम जनता, पेट्रोल डीजल के दाम समेत कई मुद्दे से बीजेपी की कमर टूटी और लोग बीजेपी से खफा रहें

देश में महंगाई ने अपनी सीमा पार कर  रही है.. डीजल पेट्रोल के दाम भी आसमान छूं रहे थे. जिससे आम जनता काफी परेशान हो चुकी थी.. साथ ही पूरा विपक्ष भी एक साथ जुट गया जिससे बीजेपी के सामने काफी परेशानी खड़ी हो गई..और उसके हाथ से ये तीन बड़े राज्य निकल गए..

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments